मुख्य समाचार

फर्जी कंपनियों ने की 45 हजार करोड़ की टैक्स चोरी, 17 लाख का निबंधन रद्द 

नई दिल्ली/पटना/21.12.19। फर्जी कंपनियों ने जीएसटी के अंतर्गत फर्जी इन्वाॅयस के जरिए 45 हजार करोड़ की टैक्स चोरी की है। इस पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने देश में 17 लाख कंपनियों के निबंधन को रद्द कर दिया है। दो महीने से अधिक समय तक जीएसटी आर-1 और 3 बी दाखिल नहीं करने वाले 2.5 लाख करदाताओं के ई-वे बिल को भी रोक दिया गया है। 

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने उक्त जानकारी फिक्की के 92वें वार्षिक सम्मेलन में दी। नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिनिधि मौजूद थे। उन्होंने उद्योगपति एवं व्यापारियों से कहा कि सामान की खपत बढ़ाने के लिए जीएसटी काउंसिल ने फिलहाल किसी भी वस्तु के कर की दर को बढ़ाने से इनकार कर दिया है।

साथ ही टैक्स चोरी और फर्जी कंपनियों पर रोक के लिए नये निबंधन के लिए आधार अनिवार्य किया जा रहा है। पुराने निबंधित करदाताओं को भी आधार से जोड़ा जायेगा। नये निबंधित करदाताओं के परिसर का निरीक्षण भी कराया जा रहा है। 

एक अप्रैल, 2020 से जीएसटी के अंतर्गत नई कर विवरणी लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का वेरीफिकेशन किया जायेगा। टैक्स रोकने के लिए 100 करोड़ टर्नओवर से अधिक के करदाताओं के लिए इलेक्ट्राॅनिक इनवाॅयस और क्यूआर कोड अनिवार्य किया जा रहा है।
 


संबंधित खबरें