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स्टील, तंबाकू व पान मसाला ट्रेड में फर्जी निबंधन अधिक, कार्रवाई  शुरू  

पटना। जीएसटी संग्रह में गिरावट को देखते हुए वाणिज्य कर विभाग (स्टेट जीएसटी) ने टैक्स चोरी करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। अभियान 31 मार्च तक जारी रहेगा। साथ ही बड़े पैमाने पर फर्जी निबंधन को रद्द करने के साथ ऐसे करदाताओं पर प्राथमिकी दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया है।

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बताया कि नये निबंधन करा कर फर्जी बिल पर कई लोग कारोबार कर रहे हैं। खास कर आयरन एंड स्टील, कोयला, तंबाकू एवं पान मसाला का व्यापार दिखाने वालों की संख्या अधिक है। ऐसे 6117 करदाता चिन्हित किये गये हैं। इनके परिसरों का भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक के निरीक्षण में 44 फर्जी पाये गये हैं।

बिजनेस इंटेलिजेंस ने 84 ऐसे करदाताओं की पहचान की है, जिन्होंने 1921 करोड़ रुपये मूल्य के फर्जी बिल पर माल मंगाया है। इनमें 77 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। फर्जी बिल और इनवाॅयस पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश है। साथ ही लगातार दो रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 78,885 करदाताओं के ई-वे बिल को भी रोक दिया गया है।

डिप्टी सीएम ने बताया कि छह महीने से अधिक जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले 73,923 करदाताओं में 6 995 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। 31 दिसंबर तक अभियान चला कर शेष सभी का निबंधन रद्द कर दिया जायेगा।
 


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