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पचास फीसदी मेडिकल प्रोफेशनल सही रिटर्न नहीं करते फाइल

पटना। आयकर आयुक्त डी.एस. वेणुपानी ने कहा है कि बिहार में पचास फीसदी मेडिकल प्रोफेशनल सही आयकर रिटर्न फाइल नहीं करते हैं। मेडिकल प्रोफेशनल काफी समझदार होते हैं। इसके बावजूद वे गलती कर रहे हैं। आयकर विभाग ऐसे प्रोफेशनल को संदेश देना चाहता है कि वे अपनी आय का सही ब्योरा दें। आयकर आयुक्त बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स परिसर में विभाग की ओर से आयोजित आउटररीच प्रोग्राम (संपर्क कार्यक्रम) को संबोधित कर रहे थे। 

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, पटना के अधीन बिहार-झारखंड में एक साथ करदाताओं के साथ संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य करदाताओं की परेशानी का निदान एवं करदाताओं को सही आय का ब्योरा देने के लिए प्रेरित करना था।

आयुक्त डी.एस. वेणुपानी ने कहा कि आयकर विभाग के पास करदाताओं के ट्रांजेक्शन का ब्योरा रहता है। इसकी जानकारी हमें डाटा एनालिसिस सिस्टम से मिलती  है। इसी आधार पर नोटिस भेजे जा रहे हैं। दो हजार केस स्क्रूटनी में हैं। इनमें 1200 केस नोटबंदी के दौरान  जमा राशि से सबंधित हैं।

बिहार-झारखंड का चालू वर्ष का राजस्व लक्ष्य 14,500 करोड़ है। अब तक मात्र सात हजार करोड़ टैक्स मिला है। तीन करोड़ से अधिक पैन के बावजूद मात्र दस लाख लोग रिटर्न फाइल करते हैं। उन्होंने करदाताओं से कहा कि सही आय की जानकारी देकर, सही टैक्स जमा करें। टैक्स राष्ट्र के विकास में सहायक है। 

आयुक्त आरबी मिश्रा ने बताया कि राजस्व लक्ष्य में 70 फीसदी योगदान टीडीएस का है। टीडीएस रिफंड में तेजी आयी है। कुछ मामलों में रिफंड लंबित है, जिनका निराकरण किया जा रहा है। वैसे लोग जिनकी आय करयोग्य नहीं है, लेकिन किसी वजह से टीडीएस कट गया है। वे रिटर्न फाइल कर टीडीएस क्लेम कर सकते हैं।  

बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स : बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने वर्तमान परिस्थिति में एडवांस टैक्स जमा करने में कारोबारियों की परेशानी बतायी। टैक्स कमिटी के संयोजक आलोक पोद्दार ने कई समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। उन्होंने अप्रत्यक्ष कर के सबका विश्वास की तरह स्कीम लाने का सुझाव दिया। 

आयकर विभाग के मौजूद अधिकारी : सुमित राय, रोहित राज, अजय सिंह, सुप्रीयो विश्वास, सौरभ उपाध्याय, स्वाती कुमारी सुजाता, सुजय कुमार वर्मा, बालेश्वर पांडेय एवं मनीष वर्मा।          
 


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