पटना। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के सदस्य प्रभाष शंकर से बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स का प्रतिनिधिमंडल मिला। पटना स्थित राजस्व भवन में चैंबर के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने प्रत्यक्ष कर से संबंधित एक ज्ञापन सीबीडीटी मेंबर को सौंपा। प्रभाष शंकर सरकारी दौरे पर पटना आये हुए हैं। उनके साथ प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) वीरेंद्र सिंह भी थे।
चैंबर की ओर से महामंत्री अमित मुखर्जी, कोषाध्यक्ष विशाल टेकरीवाल, वरीय सदस्य राजेश खेतान, सुनिल सर्राफ, आशीष अग्रवाल, सुबोध जैन एवं आशीष प्रसाद मौजूद थे। चैंबर ने ज्ञापन में विवाद से विश्वास स्कीम में कुछ आवश्यक संशोधन करने की अपील की है। इससे योजना का लाभ अधिक करदाता उठा सकेंगे। ज्ञापन के प्रमुख बिंदु निम्न हैं।
-- आयकर अधिनियम के अंतर्गत विभिन्न अपीलेट फोरम में अपील के लिए वैधानिक समय सीमा आयकर आयुक्त अपील के लिए 30 दिन, अपीलेट ट्रिब्यूनल के लिए 60 दिन एवं हाईकोर्ट के लिए 120 दिन का है। कर विवाद के मामले के समाधान के लिए यह जरूरी है कि विवाद से विश्वास की तिथि जो 31 जनवरी 2020 थी, उसमें आवश्यक संशोधन कर उसे 31 मार्च 2020 तक किया जाये।
-- कर विवाद समाधान योजना 1998 की तरह जिस प्रकार से आयकर आयुक्त के यहां u/s 264 के अधीन लंबित मामलों का विस्तार किया गया था, उसी तरह आवश्यक संशोधन कर विवाद से विश्वास योजना का भी विस्तार किया जाये ।
-- विवाद से विश्वास योजना की बड़े पैमान पर सफलता के लिए यह आवश्यक है कि कर विवाद समाधान योजना 1998 की तरह u/s 153A और 153C के अंतर्गत कर निर्धारण की प्रक्रिया को भी वर्तमान योजना में शामिल किया जाये ।
-- करदाताओं को यह अवसर मिलना चाहिए कि अपीलेट अथाॅरिटी के समक्ष लंबित मामलों का कर भुगतान कर उस विवाद का निपटारा करा लें ।
-- आयकर दाताओं को डिफेक्टिव रिटर्न की सूचना देते हुए उसमें सुधार की सुविधा मिले और रेक्टीफिकेशन पेटिशन का नियत समय पर निपटारा हो।
--आयकर भवन में करदाताओं को हेल्प डेस्क , टीडीएस चालान में ऑनलाईन सुधार एवं रिमांड रिपोर्ट को समय पर पेश करने की सुविधा दी जाये।
चैबर अध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन के जरिये केंद्रीय वित्त मंत्री से अनुरोध किया गया है कि इससे करदाताओं को विवाद से राहत मिलेगी। साथ ही सरकार को बड़ी मात्रा में राजस्व भी मिलेगा।