नई दिल्ली। आयकर विभाग ने विवाद से विश्वास योजना से संबंधित विज्ञापन अखबारों में जारी किया है। विज्ञापन में योजना की मुख्य बातों को बताया गया है। हालांकि सरकार ने अभी योजना की अधिसूचना जारी नहीं की है।
पात्रता : विज्ञापन के अनुसार इस साल 31 जनवरी से पहले दाखिल अपील या याचिका के मामले इस योजना में शामिल किए जा सकते हैं। वे आदेश भी इसमें आ सकते हैं, जिनमें अपील करने की अवधि गत 31 जनवरी से पहले खत्म नहीं हुई थी। विवाद समाधान पैनल (डीआरपी) के समक्ष लंबित मामले, जिसमें डीआरपी ने 31 जनवरी 2020 के पहले निर्देश जारी कर दिया था, लेकिन कोई आदेश पारित नहीं हो सका।
धारा 264 के अंतर्गत वैसे मामले, जिनमें एसेसी ने 31 जनवरी 2020 के पहले रीविजन के लिए अनुरोध किया हो। सर्च के ऐसे मामले जहां विवादित कर एक साल में पांच करोड़ रुपये से कम है। उन मामलों का भी समाधान किया जा सकता है, जो इस समय निर्णय के लिए विदेशी मंचों पर लंबित हैं।
विवाद : योजना में कर, दंड, ब्याज, शुल्क, टीडीएस तथा टीसीएस से संबंधित सभी विवादों के समाधान के लिए आवेदन किया जा सकता है।
भुगतान की शर्त : 31 मार्च तक विवादित कर की शत-प्रतिशत राशि एवं सर्च के मामलों में 125 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। यदि अपील केवल दंड, ब्याज या शुल्क के विवाद को लेकर है, तो 31 मार्च तक संबंधित राशि का केवल 25 प्रतिशत भुगतान करना होगा।
31 मार्च 2020 के बाद अंतिम तिथि 30 जून 2020 तक भुगतान करने पर करदाता को उपरोक्त स्थितियों में क्रमशः 110 प्रतिशत, 135 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर से भुगतान करना होगा। ट्रिब्यूनल का निर्णय यदि करदाता के पक्ष में आया हो और विभाग ने अपील दायर की हो, तो उपरोक्त राशियों का मात्र 50 प्रतिशत देना होगा।