पटना। बिहार चैंबर ऑफ काॅमर्स ने वित्तीय वर्ष 2019-20 को दो माह बढ़ाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखा है। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए चैंबर ने वित्त वर्ष की अंतिम तिथि 31 मई करने की वित्त मंत्री से अपील की है।
अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने कहा है कि बिहार समेत देश के 75 जिले कोरोना वायरस के कारण लाॅकडाउन हैं। वितीय वर्ष 2019-20 के अंतिम समय में ट्रेड और इंडस्ट्री बंद है। ऐसी परिस्थिति में चालू वित्त वर्ष को दो माह बढ़ाना उचित होगा।
इससे आयकर से संबंधित महत्वपूर्ण विवाद से विश्वास स्कीम को बेहतर रिस्पांस मिल सकेगा। साथ ही विलंब से फाइल किये गये इनकम टैक्स रिटर्न 139(4) और रिवाइज्ड रिटर्न 139(5) भरने में भी सहूलियत होगी।
चैंबर ने कहा है कि फरवरी माह के जीएसटीआर 3 बी फाइल करने की तिथि क्रमशः 20 मार्च और 24 मार्च है। ऐसी स्थिति में इस तिथि को एक माह बढ़ाने से सहूलियत होगी।
बिहार के डिप्टी सीएम से अपील : चैंबर ने बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी से भी वैट एवं सीएसटी विवाद से संबंधित वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) की अवधि दो माह बढ़ाने की मांग की है। वर्तमान में ओटीएस स्कीम की अंतिम तिथि 25 मार्च है। प्रोेफेशनल टैक्स जमा करने की समय सीमा बढ़ाकर 31 मई करने की अपील की गई है।