मुख्य समाचार

स्टील, कोयला व स्क्रैप कारोबार के लिये 160 ने कराया फर्जी निबंधन 

पटना। पहली जुलाई, 2020 के बाद बिहार में जीएसटी के अंतर्गत निबंधन कराने वाले कारोबारियों का पांच दिनों के अंदर भौतिक सत्यापन एवं प्रमंडल स्तर पर साप्ताहिक समीक्षा की जायेगी। एक जुलाई से पहले निबंधन कराने वालों का भी समय-समय पर अभियान चला कर सत्यापन किया जायेगा। 

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि प्रतिदिन लगभग 300 आवेदन निबंधन के लिए प्राप्त हो रहे हैं। प्रावधान के अनुसार तीन दिन में निबंधन करना है। जीएसटी सप्ताह के मौके पर वे बिहार के वाणिज्य-कर अंचल के पदाधिकारी एवं उद्योग-व्यापार संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों को वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि विगत दिन 5626 निबंधित कारोबारियों के परिसरों का निरीक्षण किया गया। इनमें 752 फर्जी पाये गये। इनमें केवल पटना के 160 कारोबारी थे, जिन्होंने मुख्य रूप से आयरन एंड स्टील, कोयला व स्क्रैप कारोबार के लिए फर्जी निबंधन कराया था। लाॅकडाउन के दौरान जब सारे कारोबार ठप्प थे, फिर भी 55 लोगों ने फर्जी निबंधन करा लिया।

जीएसटी के तहत फर्जी बिल एवं सर्कुलर ट्रेडिंग के मामले में 2018-19 में 148 करोड़ का अर्थदंड लगाया गया है। 2019-20 में 378 ऐसे मामलों में निरीक्षण के बाद 1075.96 करोड़ की पेनाल्टी लगाई गई। सर्कुलर ट्रेडिंग के 113 मामलों में 2611.28 करोड़ के ई-वे बिल के जरिये अन्य राज्यों से माल मंगाने की व्यापक जांच करायी जा रही है। 

छह माह से अधिक अवधि से जिन लोगों ने जीएसटी विवरणी दाखिल नहीं की है, वैसे 48,502 करदाताओं को चिन्हित कर उनमें 37,305 का निबंधन रद्द कर दिया गया है। 10 माह से विवरणी दाखिल नहीं करने वाले 17,326 के निबंधन रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। 

डिप्टी सीएम ने कहा कि कोरोना काल में पहली जुलाई 2017 से 31 जनवरी, 2020 तक विवरणी दाखिल नहीं करने वाले को बड़ी राहत दी गई है। ऐसे करदाता यदि 30 सितंबर, 2020 तक विवरणी दाखिल कर देते हैं, तो शून्य करदेयता वालों का विलंब शुल्क माफ कर दिया जायेगा। अन्य को प्रति विवरणी विलंब शुल्क दस हजार की जगह केवल पांच हजार रुपये देय होगा। शून्य कर वाले एसएमएस के जरिए अपनी विवरणी दाखिल कर सकेंगे। 

सम्मेलन को राज्य कर आयुक्त सह सचिव डाॅ एस. प्रतिमा, सीजीएसटी के आयुक्त यशोधन वांगे, विशेष सचिव अरुण कुमार मिश्रा, बीसीसीआई के पीके अग्रवाल एवं उद्योग-व्यापार संगठन के प्रतिनिधियों ने भी संबोधित किया। 


संबंधित खबरें