नई दिल्ली। आयकर विभाग ने कहा है कि नया फॉर्म 26 एएस रिटर्न शीघ्र और सही ढंग से ई-फाइल करने में करदाताओं के लिए मददगार होगा। आकलन वर्ष (2020-21) से करदाताओं को एक नया एवं बेहतर फॉर्म 26 एएस मिलेगा। इसमें करदाताओं के वित्तीय लेन-देन की अतिरिक्त जानकारी होगी। फॉर्म 26एएस को आयकर विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है।
विभिन्न श्रेणियों में वित्तीय लेन-देन विवरण (एसएफटी) से संबंधित सूचनाओं को फॉर्म 26 एएस के भाग ई में दर्शाया गया है। करदाता इनका सही उपयोग कर अपना आयकर रिटर्न (आईटीआर) भर सकेंगे। इससे कर प्रशासन में भी अधिक पारदर्शिता आयेगी।
पहले फॉर्म 26 एएस में पैन से संबंधित स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) और स्रोत पर कर संग्रह (टीसीएस) की जानकारियां होती थीं। इसके अलावा भुगतान किये गये अन्य कर, रिफंड और टीडीएस डिफॉल्ट का विवरण भी था।
नये फॉर्म 26 एएस में करदाताओं को अपने सभी प्रमुख वित्तीय लेन-देन को याद रखने के लिए वित्तीय लेन-देन विवरणी एसएफटी होगा, ताकि आईटीआर दाखिल करते समय उनके पास तैयार रिपोर्ट उपलब्ध हो।
उच्च मूल्य के वित्तीय लेन-देन करने वाले व्यक्तियों की सूचना आयकर विभाग को वित्त वर्ष 2015-16 से ही मिल रही है। बचत खातों से नकद जमा-निकासी, अचल संपत्तियों की खरीद-फरोख्त, क्रेडिट कार्ड भुगतान, शेयरों की खरीद, डिबेंचर, विदेशी मुद्रा, म्यूचुअल फंड, वस्तुओं और सेवाओं के लिए नकद भुगतान आदि की जानकारी बैंक, म्यूचुअल फंड कंपनी, बांड जारी करने वाली संस्थान और रजिस्ट्रार से मिली रही है। अब ये सभी सूचनाएं नये फॉर्म 26 एएस में उपलब्ध होंगी।
नये फॉर्म से जहां एक ओर वित्तीय लेन-देन को अपडेट रखने वाले ईमानदार करदाताओं को रिटर्न दाखिल करते समय मदद मिलेगी। वहीं, दूसरी ओर यह उन करदाताओं को निराश करेगा जो अनजाने में अपने रिटर्न में वित्तीय लेन-देन को छिपाते हैं।