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1122 करोड़ के बकाया कर का समाधान, 26,940 मामलों का निपटारा

पटना । राज्य सरकार के कर समाधान योजना के तहत 1,122.33 करोड़ के विवादित बकाया कर का समाधान अंतिम रूप से कर दिया गया। इस तरह 30 वर्ष पुराने 26,940 मामलों का निपटारा हो गया। 

डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने बताया कि कोरोना व लाॅकडाउन की चुनौतियों के बावजूद व्यवसायियों के सहयोग से वर्षों से चले आ रहे कर बकाया के हजारों विवादों को समाप्त करने में सरकार को बड़ी सफलता मिली है। 

योजना के तहत बकाया राशि के विरुद्ध व्यवसायियों से योजना के पहले 166.87 करोड़ रुपये एवं बाद में 160.03 करोड़ राशि जमा करायी गयी। जीएसटी पर कर अधिकारियों का ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से पुराने कर विवादों के निपटारे के लिए यह समाधान योजना लायी गई थी। 

जीएसटी लागू होने के पहले वैट और अन्य अधिनियमों के तहत चले आ रहे बकाया कर विवादों के समाधान के लिए 15 जनवरी, 2020 से कर समाधान योजना लागू की गई थी। योजना से जुड़ने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 24 जून थी

इसके अंतर्गत व्यवसायियों को जुर्माना या ब्याज पर 90 प्रतिशत एवं निर्धारित कर के मामले में 65 प्रतिशत तक छूट दी गई थी। योजना में प्रावधान किया गया था कि अगर किसी कोर्ट में विवाद लंबित है, तो भी व्यवसायी इसका लाभ ले सकते हैं। साथ ही समाधान किये जाने वाले बकाये के विरुद्ध व्यवसायी ने पूर्व में कोई राशि जमा की है, तो उसे भी योजना के अधीन जमा राशि मान ली जायेगी। 


 


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