नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करदाता अनुकूल एवं पारदर्शी कर व्यवस्था बनाने की दिशा में आयकर विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि विभाग अब सिर्फ राजस्व संग्रह करने वाला संगठन नहीं है। उसने खुद को नागरिक केंद्रित संगठन के रूप में भी बदला है।
160वें आयकर दिवस (24 जुलाई) के अवसर पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि विभाग राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभायेगा। साथ ही निरंतर सुधार और व्यावसायिकता के नये मानकों की स्थापना के लिए भी प्रयास करता रहेगा। महामारी के इस दौर में भी विभाग ने करदाताओं की जरूरतों पर अधिक उत्तरदायी होने और करदाताओं की तरलता संबंधी चिंताओं का समाधान किया।
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने अपने संदेश में कुशल करदाता सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के लिए आयकर विभाग की सराहना की। ई-प्रशासन को प्रोत्साहन देने और विवाद से विश्वास अधिनियम उपलब्ध कराने पर संतोष प्रकट किया। उन्होंने उम्मीद जतायी कि आयकर विभाग कर प्रशासन को अधिक उत्तरदायी बनाने के साथ कराधान को सरल बनाने की प्रक्रिया को भी जारी रखेगा।
वित्त सचिव डॉ. अजय भूषण पांडे ने माना कि कर विभाग को प्रवर्तन और सेवा के बीच एक उत्कृष्ट संतुलन कायम करना होता है। उन्होंने कहा कि आयकर विभाग के प्रयासों से उसकी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आ रही है। फेसलेस जांच, फाॅर्म 26 एएस में सुधार, प्री-फिल्ड रिटर्न समते कई नई पहल से विवेकाधीन शक्तियों के उपयोग की संभावनाएं भी खत्म हुई हैं।
सीबीडीटी के चेयरमैन पी सी. मोदी ने आयकर परिवार के सदस्य और परिजनों को शुभकामनाएं दी। परिवार के प्रमुख के रूप में उन्होंने करदाताओं को बेहतर सेवा और सिद्धांतों को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराया।