नई दिल्ली। मेसर्स फार्च्यून ग्राफिक्स लि., रीमा पॉलीकेम प्राइवेट लिमिटेड एवं गणपति इंटरप्राइजेज के खिलाफ डायरेक्टर जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) एवं डायरेक्टर ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने मामला दर्ज किया है। कंपनियां वस्तुओं की किसी वास्तविक आपूर्ति के बिना ही इन्वॉयस जारी करने में संलिप्त पायी गई हैं। इस संबंध में जीएसटी अधिनियम के तहत तीनों कंपनियों के निदेशक को गिरफ्तार किया गया है।
डीजीजीआई मुख्यालय ने जांच के दौरान पाया कि तीनों कंपनियों ने 4100 करोड़ रुपये से भी अधिक मूल्य के चालान (इन्वॉयस) जारी किये हैं। इसके तहत 600 करोड़ रुपये से अधिक की कर राशि को आईटीसी क्रेडिट के रूप में विभिन्न निकायों को फर्जीवाड़े से हस्तांतरित कर दिया गया है।
डीजीजीआई एवं डीआरआई ने अनुचित आईटीसी के जरिये फर्जीवाड़े से आईजीएसटी के रिफंड का दावा करने वाले विभिन्न निर्यातकों के खिलाफ सितंबर 2019 से देशव्यापी अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत एक निर्यातक फर्म मेसर्स अनन्या एक्जिम के खिलाफ दर्ज मामले से जुड़े डेटा का विश्लेषण करने पर अधिकारियों को इस मामले की जानकारी मिली। बाद में उन्होंने इस पर काम शुरू किया और तीनों फर्म मेसर्स फार्च्यून ग्राफिक्स लि.,रीमा पॉलीकेम प्राइवेट लिमिटेड एवं गणपति इंटरप्राइजेज फर्जीवाड़े में संलिप्त पायी गयीं।