नई दिल्ली। जीएसटी कार्यान्वयन के कारण राजस्व में गिरावट को पूरा करने के लिए बिहार समेत सभी 28 राज्यों ने विकल्प-1 पर अमल करने का निर्णय लिया है। विधानसभा वाले तीन केंद्रशासित प्रदेश (दिल्ली, जम्मू-कश्मीर एवं पुडुचेरी) ने भी विकल्प-1 का चयन किया है।
विकल्प-1 के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक विशेष उधारी योजना शुरू की गई है। इसके जरिए केंद्र सरकार 30,000 करोड़ रुपये जुटाकर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को भेज चुकी है। इस योजना से बिहार को 1358.54 करोड़ रुपये मिले हैं। योजना 23 अक्टूबर, 2020 से प्रभावी है। छह हजार करोड़ रुपये की अगली किस्त राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को 7 दिसंबर 2020 को जारी की जाएगी।
विकल्प-1 की शर्तों के अनुसार विशेष उधारी योजना की सुविधा के अलावा 17 मई 2020 को राज्यों को केंद्र सरकार के आत्मनिर्भर अभियान के तहत अतिरिक्त 2 प्रतिशत उधारी लेने की अनुमति भी दी गई है। इसके अलावा राज्य अंतिम किस्त के तौर पर अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) की 0.50 प्रतिशत रकम बिना शर्त उधार लेने के भी हकदार हैं। इसके जरिए बिहार 3231 करोड़ रुपये उधार ले सकता है।