पटना। राज्य के व्यवसायियों से बिहार बजट पूर्व सुझाव आमंत्रित करने के लिए डिप्टी सीएम सह वाणिज्य-कर मंत्री तार किशोर प्रसाद की अध्यक्षता में बैठक हुई। मुख्य सचिवालय सभागार में टैक्स एवं प्रदूषण नियंत्रण पर चर्चा हुई। बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को गति देने के लिए कई सुझाव दिए।
-- इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने के नियम में बदलाव होना चाहिए।
-- ईवे बिल की वैद्यता की सीमा बढ़े। पहले 100 किलोमीटर की दूरी पर एक दिन का समय मिलता था। दूरी 200 किलोमीटर होने पर भी समय एक दिन ही दिया गया है ।
-- व्यवसायियों के रजिस्ट्रेशन को बर्खास्त करने का अधिकार विभाग के अधिकारियों से वापस लिया जाए।
-- जीएसटीआर 3बी में सुधार एवं जीएसटीआर 1 के लिए लागू विलंब शुल्क माफ हो।
-- वैट में फाॅर्म सी/एफ में सुधार का अवसर मिले।
-- रोड टैक्स पड़ोसी राज्यों के समान होना चाहिए। देखा जा रहा है कि क्रेता महंगे वाहन को अन्य पड़ोसी राज्यों से खरीद रहे हैं। इससे राज्य को बिक्री पर मिलने वाला टैक्स अन्य राज्यों को चला जाता है। दूसरे राज्य में निबंधन होने के कारण बिहार को सर्विसिंग पर भी जीएसटी नहीं मिल पाता है।
-- बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यदि राज्य की औद्योगिक इकाईयों से संबंधित कोई नया प्रावधान लाता है, तो उसके कार्यान्वयन से पहले उद्यमियों को इसकी विस्तृत जानकारी देनी चाहिए ।
-- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को एक ही कार्य के लिए दो बार शुल्क की मांग नहीं करनी चाहिए। एक बार आवेदन रद्द होने पर पुनः आवेदन की स्थिति में फिर से निर्धारित शुल्क जमा करने के लिए कहा जाता है।
-- ध्वनि प्रदूषण पर कोर्ट के आदेशों का सख्ती से पालन होना चाहिए। प्रतिबंधित अवधि रात्रि 10 से सुबह 6 बजे में भी लाउड स्पीकर बजाया जाता है। इसकी सूचना देने के लिए संबंधित पदाधिकारियों का मोबाइल नंबर जारी होना चाहिए।