राजगीर स्थित नेचर सफारी का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकार्पण किया। बिहार में ईको टूरिज्म को राज्य सरकार बढ़ावा दे रही है। आठ किलोमीटर एरिया में फैला नेचर सफारी ईको टूरिज्म का ही अंग है। यहां शूटिंग की भी व्यवस्था है।
नेचर सफारी स्थित ग्लास स्काई वाॅक और सस्पेंशन ब्रिज का भी मुख्यमंत्री ने उद्घाटन किया। उन्होंने सुरक्षा के दृष्टिकोण से एक बार में सीमित संख्या में ही पर्यटकों को सस्पेंशन ब्रिज पर जाने का निर्देश अधिकारियों को दिया। नेचर सफारी में ही उन्होंने रोप साइकिलिंग, जीप लाइन, रॉक क्लाइम्बिंग, राइफल शूटिंग रेंज एवं आर्चरी शूटिंग रेंज का भी शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजगीर स्थित जू सफारी में जानवरों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। शीघ्र इसका भी लोकार्पण किया जायेगा। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वाल्मीकिनगर (बेतिया) में भी कई काम किए गए हैं। पटना में भी ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा। गया, बोधगया एवं वैशाली में भी कई जगहों पर ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। हाल के दिनों में भागलपुर और बांका में भी ऐतिहासिक चीजें मिली हैं।
बिहार में पूरे देश से दो करोड़ एवं विदेश से दस लाख से अधिक पर्यटक आते हैं। इनमें राजगीर, गया, बोधगया और वैशाली आने वालों की संख्या अधिक है। कोरोना से निजात मिलने के बाद पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।
नेचर सफारी और घोड़ाकटोरा पार्क के निर्माण में अहम योगदान देने के लिए नालंदा के वन प्रमंडल पदाधिकारी डॉ नेशामणि, वनरक्षी एवं वनपाल को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, राज्य सरकार के मंत्री श्रवण कुमार, नीरज सिंह एवं नारायण प्रसाद भी मौजूद थे।