नई दिल्ली। एक अप्रैल, 2021 से पांच करोड़ रुपये से अधिक टर्नओवर वाले जीएसटी करदाताओं के लिए छह अंकों वाला एचएसएन कोड अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही वस्तु और सेवाओं की आपूर्ति पर रसीद जारी करते समय सर्विस अकाउंटिंग कोड (एसएसी) भी देना जरूरी है।
इसके अलावा वैसे जीएसटी करदाता जिनका पिछले वित्त वर्ष में पांच करोड़ रुपये तक टर्नओवर है। उन्हें बिजनेस टू बिजनेस (बी2बी) रसीद पर चार अंकों का एचएसएन कोड देना जरूरी होगा। इसके पहले क्रमशः चार और दो अंकों की जरूरत थी ।
वस्तुओं के लिए छह अंकों वाला एचएसएन कोड सभी जगह के लिए मान्य है। इसलिए सीमा शुल्क और जीएसटी के लिए एक ही एचएसएन कोड होगा। इस आधार पर सीमा शुल्क के लिए तय कोड का इस्तेमाल जीएसटी के लिए भी किया जा सकेगा। सीमा शुल्क में एचएस कोड की हेडिंग (चार अंक), सब हेडिंग (छह) और टैरिफ आयटम (आठ अंक) के रूप में परिभाषित किया गया है।
मैन्युफैक्चरर्स और आयातक-निर्यातक एक ही एचएसएन कोड का इस्तेमाल करते हैं। मैन्युफैक्चरर्स जीएसटी व्यवस्था से पहले भी इन कोड की जानकारी देते थे। ऐसे में बड़े पैमाने पर जीएसटी करदाता छह से आठ अंकों वाले एचएस कोड्स-एसएसी की अपनी रसीद, ई-वे बिल और जीएसटीआर-1 रिटर्न में स्वैच्छिक रूप से जानकादी पहले से ही दे रहे हैं।