पटना। प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार-झारखंड) कार्यालय में करदाता चार्टर प्रकोष्ठ का सृजन किया गया है। करदाताओं को चार्टर के तहत यह अधिकार मिला है कि वे आयकर संबंधित समस्या के निदान के लिए प्रत्येक क्षेत्र में सृजित प्रकोष्ठ से संपर्क कर सकते हैं।
‘पारदर्शी कराधान-ईमानदार का सम्मान’ प्लेटफार्म 13 अगस्त, 2020 को शुरू किया गया है। प्लेटफार्म के तहत करदाता चार्टर एवं फेसलेस निर्धारण जैसे महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं।
प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त (बिहार एवं झारखंड) ने आयकर आयुक्त (प्रशासन) के अधीन करदाता चार्टर प्रकोष्ठ को सृजित किया है। इसमें करदाता अपने ऐसे किसी भी मामले को रख सकते हैं, जिसमें उन्हें लगता हो कि करदाता चार्टर की प्रतिबद्धता को विभाग पूरा नहीं कर रहा है।
चार्टर प्रकोष्ठ के सदस्य - अपर आयकर आयुक्त,पटना (सीओ एंड टीपीएस), आयकर अधिकारी, पटना (सीओ एंड टीपीएस), आयकर अधिकारी, पटना (तकनीकी 1), प्रमुख आयकर आयुक्त कार्यालय।
प्रकोष्ठ के कार्य हैं-
1. करदाता चार्टर का कार्यान्वयन एवं अनुपालन
2. करदाता चार्टर एवं ई-निवारण/सी.पी.ग्राम की शिकायतों को निपटाना
3. करदाताओं को न्याय संगत एवं निष्पक्ष व्यवस्था उपलब्ध कराना, कर संबंधी मामलों को समयबद्ध रूप में हल करने के संबंध में निगरानी करना
4. करदाता को पूर्व अनुमति के बिना प्रकोष्ठ के अधिकारियों से मिलने के लिए प्रतिदिन एक निर्धारित समय/विंडो उपलब्ध कराना
करदाता चार्टर एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें करदाता को उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का आश्वासन दिया गया है। चार्टर करदाता की गरिमा और संवेदनशीलता को बनाये रखने का भी ध्यान रखता है। यह इस भरोसे पर आधारित है कि बिना आधार के करदाता पर संदेह नहीं किया जा सकता है।