नई दिल्ली/पटना। जीएसटी काउंसिल ने कोरोना महामारी से राहत और प्रबंधन में इस्तेमाल हो रहे विशेष सामान पर टैक्स में कमी एवं ब्लैक फंगस की दवा कर मुक्त करने का निर्णय लिया है। यह राहत 30 सितंबर, 2021 तक के लिए मान्य है। काउंसिल की 44वीं बैठक वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर एवं राज्यों के वित्तमंत्री मौजूद थे।
काउंसिल की सिफारिश :
दवाइयां - टोसिलिजुमैब एवं एम्फोटेरिसिन बी पर वर्तमान जीएसटी पांच प्रतिशत को शून्य, एंटी कोगुलैंट्स, रेमडेसिविर एवं कोविड उपचार के लिए अन्य दवाओं पर 12 प्रतिशत जीएसटी को पांच प्रतिशत करने की सिफारिश।
ऑक्सीजन एवं मेडिकल डिवाइस - मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, वेंटिलेटर मास्क, कैनुला, हेलमेट, बाइपैप मशीन एवं हाई फ्लो कैनुरा डिवाइस पर 12 प्रतिशत टैक्स को पांच प्रतिशत करने की सिफारिश।
कोविड परीक्षण किट और पल्स ऑक्सीमीटर पर 12 प्रतिशत टैक्स को पांच प्रतिशत करने की सिफारिश।
कोविड से संबद्ध अन्य राहत सामान - हैंड सैनिटाइजर, तापमान जांच उपकरण एवं श्मशान के लिए गैस, बिजली एवं अन्य से संचालित भट्टियों पर 18 प्रतिशत जीएसटी को पांच प्रतिशत एवं एंबुलेंस पर 28 प्रतिशत जीएसटी को 12 प्रतिशत करने की सिफारिश की गई है।

बिहार के डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने जीएसटी दरों में कटौती एवं मुफ्त टीकाकरण की घोषणा का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि थर्मामीटर एवं हैंड सैनिटाइजर पर टैक्स कम करने की मांग सबसे पहले बिहार ने की थी, जिसे काउंसिल ने स्वीकार किया। शवदाह में प्रयोग होने वाले बिजली एवं गैस फर्नेस पर भी टैक्स कम का प्रस्ताव काउंसिल के समक्ष बिहार ने ही रखा था।
ऑक्सीमीटर, मेडिकल ग्रेड ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, कंसंट्रेटर, वेंटिलेटर, कोविड टेस्टिंग किट जैसी कई जरूरी चीजों पर जीएसटी कम हुआ है। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की अनुशंसा पर कोविड के इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं पर भी टैक्स कम किया गया है। डिप्टी सीएम ने कहा कि इन निर्णयों से लोगों को राहत मिलेगी।