पटना। डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद ने बिहार कराधान विवाद समाधान योजना के विस्तार पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि व्यवसाय एवं उद्योग जगत ने कर विवाद समाधान योजना को फिर से शुरू करने का अनुरोध किया है। इस पर विभागीय समीक्षा के बाद विचार किया जाएगा। डिप्टी सीएम वाणिज्य-कर विभाग के सभागार में उद्योग एवं व्यावसायिक संगठनों के साथ एक बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि जीएसीटी लागू होने से पहले पुराने बकाया कर निपटारे के लिए बिहार कराधान विवाद समाधान स्कीम जनवरी 2020 में लागू की गई थी। स्कीम को सितंबर 2021 तक बढ़ाया गया ताकि इच्छुक करदाता अपने बकाए कर का सेटलमेंट कर सकें।
समीक्षा बैठक में वाणिज्य-कर विभाग की आयुक्त सह सचिव डॉ प्रतिमा, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, अखिल भारतीय ईंट एवं टाइल निर्माता महासंघ और बिहार ईंट निर्माता संघ के प्रतिनिधि मौजूद थे।
डिप्टी सीएम ने कहा कि उद्योग जगत एवं व्यवसायियों के हित के लिए सरकार सजग है। जनवरी, 2022 में उद्योग विभाग एवं इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के साथ संयुक्त बैठक होगी। इसमें महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा होगी।
उन्होंने बताया कि 2020-21 में वाणिज्य-कर विभाग का राजस्व संग्रह 32,083.38 करोड़ रुपए रहा। यह आंकड़ा 2019-20 की तुलना में 22.62 प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष 2021-22 में नवंबर 2021 तक विभाग ने 25031.90 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया है। यह गत वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 73.54 प्रतिशत अधिक है।
विभाग चालू वित्त वर्ष के शेष महीनों में राजस्व संग्रह में वृद्धि के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। विभाग के अन्वेषण ब्यूरो ने 14,393 वाहनों की जांच की और 976 वाहन जब्त किए। कार्रवाई करते हुए 11.75 करोड़ रूपए की वसूली की गई।
उद्योग एवं व्यावसायिक संगठनों के सुझाव : बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने निबंधन प्रक्रिया एवं नियमों में बदलाव के कारण हो रही व्यावहारिक कठिनाइयों के निदान, आईटीसी प्राप्त करने की समय-सीमा वार्षिक रिटर्न फाइल करने की तिथि तक करने का प्रावधान एवं इनपुट टैक्स क्रेडिट पर लगी पाबंदी को सरल करने के सुझाव दिए।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने जीएसटीआर विलंब से फाइल करने पर ब्याज को माफ करने, इनपुट टैक्स क्रेडिट एवं वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को पुनः शुरू करने, ईंट निर्माता संघ ने ईंट उद्योग में लागू कर दर को पहले की तरह करने एवं लाल ईंट के उपयोग पर प्रतिबंध हटाने के सुझाव दिए।