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जीएसटी काउंसिल : कपड़े पर पांच फीसदी ही लगेगा टैक्स

नई दिल्ली/पटना। जीएसटी काउंसिल ने कपड़े पर टैक्स बढ़ाने के निर्णय को टालने की सिफारिश की है। एक जनवरी, 2022 से कपडे़ पर पांच की जगह 12 फीसदी जीएसटी लागू होना था।

इससे पहले सितंबर में हुई काउंसिल की बैठक में एक हजार रुपए से नीचे के रेडीमेड कपड़े और फुटवियर पर टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया गया था। नई दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कपड़े पर टैक्स वृद्धि को टाल दिया गया, लेकिन फुटवियर पर कोई निर्णय नहीं हो सका।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद बताया कि सभी मामलों पर काउंसिल की फरवरी में होने वाली बैठक में निर्णय लिया जाएगा।   

बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सह राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जीएसटी काउंसिल ने टेक्सटाइल पर कर नहीं बढ़ाकर करोड़ों लोगों को राहत दी है। कोरोना के कारण कपड़ा क्षेत्र पर जो मार पड़ी है। उसे देखते हुए यह सराहनीय कदम है।

उन्होंने कहा कि राज्यों को सेस फंड से राजस्व क्षतिपूर्ति जारी रखने की अवधि 30 जून, 2022 को समाप्त हो रही है। इसे पांच साल बढ़ाने की मांग पर भी शीघ्र निर्णय लेना चाहिए। कोरोना के हालात को देखते हुए राज्यों की यह मांग जायज है।

कैट ने किया स्वागत : कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने जीएसटी काउंसिल के निर्णय का स्वागत किया है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि निर्णय से देश के लाखों कपड़ा व्यापारियों को राहत मिलेगी। फुटवियर पर भी जीएसटी दर बढ़ाने के निर्णय को स्थगित करना चाहिए। कैट ने इस मुद्दे को पूरे देश में उठाया था। इसके समर्थन में कपड़ा एवं फुटवियर ट्रेड ने 30 दिसंबर को अपना व्यापार बंद रखा था।

कैट बिहार इकाई के कमल नोपानी एवं अशोक सोनार ने भी निर्णय की सराहना की है। कमल नोपानी ने कहा कि जीएसटी को लागू हुए चार साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक यह एक स्थिर कर प्रणाली नहीं बन पाई है। जीएसटी का पोर्टल भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है। कई विसंगतियों के कारण यह बहुत ही जटिल कर प्रणाली हो गई है।

 


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