पटना। डिप्टी सीएम सह वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा है कि उद्योग एवं व्यवसाय से टैक्स से संबंधित मिले सुझावों पर समीक्षा के बाद निर्णय लिए जाएंगे। बिहार बजट 2022-23 से पहले हुई बैठक में विभिन्न संगठनों ने कई सुझाव दिए हैं।
बजट में शहरीकरण एवं उद्योग के विस्तार, स्वास्थ्य एवं दवा उद्योग के विकास के लिए ग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने, डीजल पर वैट सरचार्ज को घटाने, ज्वेलरी उद्योग को बढ़ावा देने एवं चांदी पर जीएसटी में छूट जैसे सुझाव हैं। वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस. सिद्धार्थ ने वर्चुअल रूप से भाग ले रहे विभिन्न संगठन के प्रतिनिधियों को अपने सुझाव ई-मेल के जरिए वित्त विभाग को भेजने का अनुरोध किया।
बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) ने उद्योग विभाग के बजट में विगत वर्ष की तुलना में वृद्धि करने, नगरपालिका कर एवं होल्डिंग टैक्स को कम करने सहित इंडस्ट्रियल लायबिलिटी में सुधार के सुझाव दिए। बिहार केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने स्वास्थ्य एवं दवा उद्योग के विकास के लिए ग्रामीण आधारभूत संरचना को बढ़ावा देने की आवश्यकता बतायी।
नॉर्थ इस्टर्न इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने व्यवसाय के संवर्धन के लिए जीएसटी दर एवं इनपुट के निर्धारण के लिए समुचित व्यवस्था करने का अनुरोध किया। साथ ही वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम को फिर से लागू करने, जीएसटी रिटर्न में एडिट एवं रिवाइज्ड रिटर्न की व्यवस्था के भी सुझाव दिए।
बिहार पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन, पटना चैप्टर ऑफ कंपनी सेक्रेट्रीज, लघु उद्योग भारती, बिहार कॉमर्शियल टैक्सेज बार एसोसिएशन, कोसी चैंबर ऑफ कॉमर्स, बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित करारोपण प्रक्षेत्र के कई महत्वपूर्ण संगठनों ने भी सुझाव दिए।
वर्चुअल रूप से हुई बैठक में वित्त विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, वाणिज्य-कर विभाग की सचिव डॉ प्रतिमा, राज्य परिवहन आयुक्त, खान एवं भूतत्व तथा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पदाधिकारी मौजूद रहे।