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अलविदा स्वर कोकिला

स्वर कोकिला लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में रविवार (छह फरवरी) की सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया। 92 वर्षीया लता दीदी आठ जनवरी से अस्पताल में भर्ती थीं। महान गायिका का अंतिम संस्कार रविवार (छह फरवरी) की शाम मुंबई के शिवाजी पार्क में होगा। उनके सम्मान में देश में दो दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया है।

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, बिहार समेत कई राज्यों के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सभी बड़े नेता, फिल्म एवं संगीत जगत से जुड़े दिग्गज एवं अन्य क्षेत्रों की महान हस्तियों ने सुर साम्राज्ञी के निधन पर दुख व्यक्त किया है।

78 साल के करियर में लता मंगेशकर ने 30 हजार से अधिक गाने गाए। उन्हें कई पुरस्कार और सम्मानों से नवाजा गया था। प्रतिष्ठित भारत रत्न और दादा साहेब फाल्के अवार्ड से लता जी को सम्मानित किया गया था। तीन बार उन्हें राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड भी मिला।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने उनके परिवार से बात करते हुए अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति के एक दिग्गज के रूप में हमेशा याद रखेगी। उनकी सुरीली आवाज में लोगों को मंत्रमुग्ध करने की अद्वितीय क्षमता थी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने शोक संदेश में कहा कि लता मंगेशकर का निधन देश के लिए अपूरणीय क्षति है। वह प्रख्यात पार्श्व गायिका थीं। उन्हें भारत रत्न, पद्म विभूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार, फिल्मफेयर लाइफटाइम एचिवमेंट पुरस्कार सहित कई अन्य खिताबों से सम्मानित किया गया था। वह राज्यसभा की सदस्य रह चुकी थीं। मुख्यमंत्री ने आत्मा की चिर शांति, उनके परिजन एवं प्रशंसकों को दुःख की इस घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है।

 


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