पटना। केंद्रीय करों से हिस्से में बिहार को 2021-22 में 91,352 करोड़ राशि मिली है। यह राशि 2020-21 की तुलना में 31,491 करोड़ अधिक है। 2020-21 में बिहार को 59,861 करोड़ प्राप्त हुआ था। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कोविड के बाद अर्थव्यवस्था में सुधार का परिणाम है कि 2021-22 में बिहार को अधिक राशि मिली है।
केंद्र सरकार को आयकर, कॉरपोरेट कर, जीएसटी, एक्साइज एवं कस्टम ड्यूटी से प्राप्त टैक्स वित्त आयोग की अनुशंसा पर राज्यों को डेवोलूशन के रूप में प्राप्त होता है। इस राशि को राज्य सरकार किसी भी कार्य पर खर्च कर सकती है। 15वें वित्त आयोग ने केंद्रीय करों में राज्यों को 41 प्रतिशत और उसमें बिहार को 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी निर्धारित की है ।
पंचायती राज संस्थाओं को 3709 करोड़ अनुदान के रूप में मिला, लेकिन शहरी निकायों को 1827 करोड़ के विरुद्ध 836.25 करोड़ ही प्राप्त हो सका । राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से बिहार को 1038.96 करोड़ की सहायता मिली है। 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा में राज्य आपदा राहत कोष में केंद्र की हिस्सेदारी के रूप में 1416 करोड़ राशि मिली है।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं कोविड से मुकाबले के लिए बिहार को 2348.96 करोड़ प्राप्त हुआ। इसके अतिरिक्त पंचायत एवं नगर निकायों के माध्यम से स्वास्थ्य संरचनाओं के लिए अतिरिक्त 1116.31 करोड़ राशि मिली है।