मुख्य समाचार

पहले से पैक और लेबल लगे आटा एवं अनाज पर क्या होगा जीएसटी ?

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 47वीं बैठक में की गई सिफारिशें 18 जुलाई, 2022 से लागू हो गई हैं। चंडीगढ़ में 28 और 29 जून, 2022 को 47वीं बैठक हुई थी। ऐसी स्थिति में कारोबारियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि 18 जुलाई, 2022 से पहले पैकिंग और लेबल लगे आटा,अनाज एवं दाल पर जीएसटी की दर क्या होगी ?

वित्त मंत्रालय ने ऐसे कई सवालों का स्पष्टीकरण दिया है -

प्रश्न - पहले से पैकेज और लेबल लगे सामान पर 18 जुलाई से क्या बदलाव किए गए हैं ?

उत्तर - 18 जुलाई, 2022 से पहले जीएसटी उन वस्तुओं पर लागू होता था, जब उन्हें एक यूनिट कंटेनर में रखा जाता था और एक पंजीकृत ब्रांड नाम होता था। 18 जुलाई 2022 से, इस प्रावधान में बदलाव किया गया है।

उदाहरण के लिए ब्रांडेड दाल, अनाज जैसे चावल, गेहूं और आटा पर पहले पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता था। 18 जुलाई से इन वस्तुओं पर पहले से पैकेज और लेबल लगे सामान की श्रेणी के तहत जीएसटी लगेगा।

इनके अतिरिक्त पहले से पैकेज और लेबल लगे कुछ वस्तुएं जैसे दही, लस्सी, मुरमुरा (भुने चावल) पर 18 जुलाई से पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लागू होगा।

प्रश्न - माप अधिनियम के तहत इस कवरेज का दायरा क्या है ?

उत्तर- खाद्य पदार्थ दाल, अनाज एवं आटा के लिए पैकेज वस्तु नियम 25 किलोग्राम या 25 लीटर से अधिक की मात्रा वाली वस्तुओं के पैकेज के लिए नियम छह के तहत घोषणा करने की आवश्यकता नहीं है। जीएसटी ऐसे सामान पर लागू होगा, जहां 25 किलोग्राम से कम या उसके बराबर मात्रा वाले पैकेज में पहले से पैक की गई वस्तु की आपूर्ति की जाती है।

अंतिम उपभोक्ता को खुदरा बिक्री के लिए 25 किलोग्राम के पहले से पैक किए गए आटे की आपूर्ति जीएसटी के लिए उत्तरदायी होगी। 30 किलो के पैक की आपूर्ति को जीएसटी से छूट दी जाएगी।

इस प्रकार, यह स्पष्ट होता है कि अनाज, दाल एवं आटा जिसमें 25 किलोग्राम से अधिक की मात्रा हो, जीएसटी के लिए पहले से पैकेज और लेबल लगे सामान की श्रेणी में नहीं आएगा। इसलिए यह जीएसटी को आकर्षित नहीं करेगा।

प्रश्न - क्या जीएसटी ऐसे पैकेज पर लागू होगा, जिसमें कई खुदरा पैकेज हों ?

उत्तर- यदि अंतिम उपभोक्ता को खुदरा बिक्री के लिए कई पैकेज हों, जैसे 10 किलो आटा के 10 पैकेज और इन्हें एक बड़े पैक में बेचा जाता हो, तो ऐसी आपूर्ति पर जीएसटी लागू होगा। हालांकि, 50 किलोग्राम के चावल के पैकेज को जीएसटी लेवी के लिए पहले से पैकेज किए गए और लेबल लगे सामान की श्रेणी में नहीं माना जाएगा।

प्रश्न - चावल के 20 किलो पैक पर जीएसटी क्या होगा?

उत्तर - हां, ऐसे पैकेज को जीएसटी के लिए पहले से पैक और लेबल की हुई वस्तु माना जाएगा। इसके लिए माप नियम, 2011 के तहत घोषणा करने की जरूत है। इसलिए चावल मिल चलाने वालों को ऐसे पैकेज की आपूर्ति पर जीएसटी का भुगतान करना होगा।

प्रश्न - 25 किग्रा के पैक में खरीदे गए सामान को खुदरा विक्रेता छोटी मात्रा में बेचता है? क्या कर देय होगा ?

उत्तर- जीएसटी तब लागू होगा, जब सामान कोई वितरक या निर्माता द्वारा खुदरा विक्रेता को पहले से पैक और लेबल किये हुए पैकेज में बेचा जाता है। हालांकि, यदि किसी कारण खुदरा विक्रेता ऐसे पैकेज से कम मात्रा में वस्तु की आपूर्ति करता है, तो खुदरा विक्रेता की ऐसी आपूर्ति को, जीएसटी के उद्देश्य के लिए पहले से पैक सामान की आपूर्ति की श्रेणी में नहीं माना जायेगा।

प्रश्न - इनपुट टैक्स क्रेडिट के हकदार कौन होंगे ?
उत्तर -
निर्माता, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता प्रावधानों के अनुसार जीएसटी पर इनपुट टैक्स क्रेडिट के हकदार होंगे। प्रारंभिक छूट या संयोजन योजना का लाभ उठाने वाले आपूर्तिकर्ता सामान्य तरीके से छूट या संयोजन दर के हकदार होंगे।

 


संबंधित खबरें