पटना। राजधानी में रियल एस्टेट और सोना-हीरा के आभूषण कारोबार से जुडे़ कुछ समूहों पर कार्रवाई में आयकर विभाग को बड़ी सफलता मिली है। पांच दिनों के सघन सर्च अभियान के बाद विभाग ने 104 करोड़ से अधिक की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा किया है।
अब तक रियल एस्टेट समूह से 80 करोड़ और ज्वेलर्स से 24 करोड़ से अधिक की बेहिसाब संपत्ति मिली है। आगे की जांच अभी जारी है।
आयकर विभाग ने 17 नवंबर से दोनों समूहों के पटना, भागलपुर, डेहरी-ऑन-सोन, लखनऊ और दिल्ली में फैले तीस से अधिक परिसरों की जांच की। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।
पटना के हीरा-पन्ना ज्वेलर्स ने अपनी बेहिसाब आय आभूषणों की नकद खरीद, दुकानों के नवीनीकरण और अचल संपत्तियों में निवेश की है। हीरा-पन्ना ज्वेलर्स ने ग्राहकों से अग्रिम राशि की आड़ में अपनी लेखा बही में 12 करोड़ से अधिक की बेहिसाब धनराशि शामिल की है। इसके अलावा स्टॉक के भौतिक सत्यापन पर 12 करोड़ रुपए से अधिक का बेहिसाब स्टॉक भी मिला है।
रियल स्टेट कारोबार में लगे एक अन्य समूह के मामले में जमीन की खरीद, भवनों के निर्माण और अपार्टमेंट की बिक्री में बेहिसाब नकद लेन-देन के सबूत मिले हैं। इन्हें जब्त कर लिया गया है। एक जमीन ब्रोकर से इस लेनदेन की पुष्टि हुई है। इस तरह के बेहिसाब नकद लेनदेन की मात्रा 80 करोड़ रुपये से अधिक है।
समूह के प्रमुख व्यक्तियों ने अपनी बेहिसाब आय का बड़े भूमि खंड सहित कई अचल संपत्तियों की खरीद में निवेश किया गया है। सर्च अभियान के दौरान पांच करोड़ रूपए से अधिक नकद और जेवरात भी जब्त किए गए हैं। 14 बैंक लॉकरों को सीज किया गया है।