मुख्य समाचार

जीएसटी काउंसिल ने सुगम व्यापार के लिए की कई सिफारिशें

नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल ने व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई सिफारिशें की हैं। इनमें जीएसटी के तहत कुछ को अपराध की श्रेणी से हटाना, गैर-पंजीकृत व्यक्तियों को रिफंड देना, सूक्ष्म उद्यमों के लिए ई-कॉमर्स की सुविधा समेत कई उपाय हैं।

जीएसटी के तहत अभियोजन शुरू करने के लिए कर राशि की न्यूनतम सीमा एक करोड़ रुपये से बढ़ा कर दो करोड़ रुपये की गई है। इसमें माल या सेवाओं या दोनों की आपूर्ति के बिना चालान जारी करने के अपराध शामिल नहीं होंगे। कंपाउंडिंग राशि को कर राशि के 50 प्रतिशत से 150 प्रतिशत की वर्तमान सीमा से घटाकर 25 प्रतिशत से 100 प्रतिशत सीमा तक की गई है।

जीएसटी काउंसिल की 48वीं बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी एवं सभी राज्यों के वित्तमंत्री शामिल हुए।

काउंसिल ने दाल की भूसी, चुन्नी और खांडा पर टैक्स पांच प्रतिशत से घटाकर शून्य करने की सिफारिश की है। रिफाइनरियों को पेट्रोल में मिलाने के लिए दी जाने वाली इथाइल एल्कोहल पर टैक्स दर 18 प्रतिशत से घटाकर पांच प्रतिशत की गई है।

जीएसटी अनुपालन को व्यवस्थित करने के उपायों में पैन से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल पते को फॉर्म जीएसटी आरईजी-एक में दर्ज किया जायेगा। ऐसे पैन से जुड़े मोबाइल नंबर और ई-मेल पते पर पंजीकरण के समय ओटीपी आधारित सत्यापन किया जायेगा। इससे पैन धारक की जानकारी के बिना पैन के दुरुपयोग पर रोक लगेगी।

 


संबंधित खबरें