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बिहार के वित्त मंत्री ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में दिये कई सुझाव

पटना/नई दिल्ली। जीएसटी काउंसिल की 49वीं बैठक में बिहार के वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने क्षतिपूर्ति (कंपनसेशन) भुगतान का प्रावधान अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में नई कर प्रणाली अब तक स्थिर एवं सुदृढ़ नहीं हो पाई है।

राज्यस्तरीय माल एवं सेवा कर न्यायाधिकरण (जीएसटी ट्रिब्यूनल) में राज्य सरकार से मनोनीत या अनुशंसा के आधार पर एक सदस्य निश्चित रूप से रखने का भी प्रस्ताव दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रावधान के बिना इस न्यायाधिकरण का कोई औचित्य नहीं रह पाएगा।
 
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में वित्त मंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपनी बात रखी।

उन्होंने टैक्स देने में विलंब होने पर वर्तमान दंडात्मक प्रावधान को उदार बनाने की भी चर्चा की। राज्य के व्यापारी इसकी मांग करते रहे हैं। अभी दो सौ रुपये प्रतिदिन की दर से टर्नओवर के 0.5 प्रतिशत की सीमा तक दंड का प्रावधान है। यह काफी सख्त है। इसे उपयुक्त स्तर तक घटाने की जरूरत है।

राज्यवार एवं राष्ट्रीय स्तर पर अलग-अलग माल एवं सेवा कर क्षमता का आकलन करने के लिए निकाय बनाने की भी मांग रखी। इसके अभाव में कर क्षमता का सही अनुमान नहीं हो पाता है।

 


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