फिजी के नादी शहर में श्रीराम कथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। फिजी गवर्मेंट काउंसिल एवं साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्था, मुंबई ने इसका आयोजन किया।
लोक गायिका डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने प्रभु श्रीराम और माता जानकी के जन्म से लेकर विवाह तक के प्रसंगों की व्याख्या करते हुए लोकगीत पेश किये। उन्होंने सोहर, संस्कार एवं विवाह गीतों की शानदार प्रस्तुति दी।

राम-सीता प्रथम मिलन प्रसंग पर आधारित गीत राम देखे सिया को, सिया राम की अखियां लड़ी तो लड़ी रह गई, रामजी से पूछे जनकपुर के नारी बता द पहुना लोगवा देत काहे गारी, और जे सुखवा है ससुरारी में, वो सुखवा है कहीं न गीत को फिजीवासियों ने खूब पसंद किया।
कार्यक्रम के दौरान फिजी गिरमिट काउंसिल के महासचिव सेल्वा नंदन, फिजी हिंदी टीचर्स एसोसिएशन की सचिव विद्या सिंह, गिरमिटिया काउंसिल के ट्रस्टी कांती कुंजा, थेन इंडिया सन्मार्ग इक्या संगम ऑफ फिजी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जय नारायण, रागिणी राव, जिन्नत, अरिस्मा, ज्ञानचन्द, ज्योति घनश्याम व्यास, नमिता कुमारी एवं शताक्षी शैली भी मौजूद रहे।