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गया आईएमसी प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एसपीवी का गठन

बिहार सरकार ने गया में महत्वाकांक्षी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आईएमसी) प्रोजेक्ट को गति देने के लिए बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (बीआईएमसीजीएल) नामक स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) का गठन किया है। 

अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक कोरिडोर प्रोजेक्ट के अंतर्गत गया जिले के डोभी में आईएमसी की स्थापना की जा रही है। 

गया आईएमसी प्रोजेक्ट की घोषणा 2024-25 के केंद्रीय बजट में हुई थी। इस प्रोजेक्ट से लगभग 1,09,000 रोजगार सृजित होंगे। साथ ही 16,000 करोड़ के निवेश की भी संभावना है। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। 

इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत होने वाले कार्य : 29.89 किलोमीटर लंबा आंतरिक सड़क नेटवर्क, आधुनिक पावर सबस्टेशन, उन्नत जल आपूर्ति और सीवेज उपचार प्रणाली, एकीकृत अपशिष्ट प्रबंधन सुविधाएं, कौशल विकास केंद्र, वाणिज्यिक स्थान और प्रशासनिक कार्यालय।

एसपीवी का रजिस्ट्रेशन छह जनवरी 2025 को हो गया है। इसका संचालन एक बोर्ड करेगा। छह निदेशकों में राज्य और केंद्र सरकार से तीन-तीन निदेशक होंगे। इसमें बीआईएमसीजीएल के सीईओ और एमडी एवं बियाडा के एमडी भी शामिल होंगे। 

उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि बीआईएमसीजीएल का गठन राज्य सरकार की इस परियोजना को शीघ्र पूरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सभी स्टेक होल्डर्स को एक साथ लाने और प्रक्रियाओं को सरल बनाकर निर्माण कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। जमीन की व्यवस्था हो गई है। प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद पूर्वी भारत में बिहार की पहचान एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में होगी। 

बीआईएमसीजीएल के गठन के लिए 12 नवंबर 2024 को पटना में बियाडा और नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनआईसीडीसी) के बीच समझौता हुआ था। 

कनेक्टिविटी इस परियोजना की मुख्य विशेषता है। यह क्लस्टर गया जिले के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग और आगामी न्यू पहाड़पुर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। इससे हल्दिया पोर्ट, पटना के गायघाट एवं वाराणसी के रामनगर जैसे इनलैंड टर्मिनलों तक पहुंच आसान हो जाएगी। 
 


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