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बिहार के आर्थिक विकास के लिए सरकार और इंडस्ट्री मिलकर करें काम 

टाटा मोटर्स के पूर्व प्रबंध निदेशक रवि कांत का कहना है कि बिहार के आर्थिक विकास के लिए लक्ष्य निर्धारित कर मिशन मोड में काम करने की जरूरत है। इसके लिए सरकार और इंडस्ट्री दोनों को मिलकर काम करना होगा। बीआईए परिसर में आयोजित एक व्याख्यान में रवि कांत ने अपने विचारों को रखा। 

कॉरपोरेट लीडर ने विकास के लिए छह सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि कृषि, पर्यटन, स्वास्थ्य, आईटी, उद्योग और प्रवासी बिहारियों से सहायता पर विशेष ध्यान देना होगा। 

बिहार सब्जी उत्पादन में चौथे और फल उत्पादन में आठवें स्थान पर है। दोनों क्षेत्रों में बिहार काफी बेहतर कर सकता है। डेयरी क्षेत्र में भी काफी संभावनाएं हैं। 

बिहार में पर्यटन के अच्छे अवसरों को चिन्हित करते हुए रविकांत ने कहा कि यहां सभी धर्मों के प्रमुख केंद्र हैं। मिथिला पेंटिंग और कई कलाएं यहां की हैं। राजगीर और कैमूर की पहाड़ियां हैं। सभी को मिलाकर यहां पर्यटन के विकास की काफी संभावनाएं हैं। 

अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह दूसरी बीमारियों के इलाज के लिए बिहार में हब बनाए जा सकते हैं । 

आईटी के विकास के लिए विकसित राज्यों के मॉडल का अध्ययन करना चाहिए। बिहार में बड़े उद्योग लगाने के लिए प्रवासी बिहारियों की सहायता लेने की जरूरत है। बीआईए के अध्यक्ष केपीएस केसरी ने कहा कि 2047 तक विकसित बिहार का रोडमैप तैयार कर केंद्र और राज्य सरकार को दिया जाएगा। 
 


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