पटना/03.01.2019 । बहुमंजिली इमारतों में निर्माण के दौरान ही गैस पाइप लगाने के लिए बिल्डिंग बाईलॉज में संशोधन होगा। फरवरी, 2019 में पटना के घरों में पाइप से गैस की आपूर्ति शुरू हो जायेगी। इससे गैस आधारित उद्योग भी राज्य में लगेंगे।
डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि फुलवारीशरीफ में सीएनजी स्टेशन की स्थापना के लिए सरकार ने 100 करोड़ की डेढ़ एकड़ जमीन मात्र 48 करोड़ में उपलब्ध करायी है। मार्च तक पटना में 3 सीएनजी स्टेशन और 2019-20 में 4 नये स्टेशन स्थापित होंगे।
सीएनजी एवं बैटरी चालित वाहनों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क कम करने पर भी सरकार विचार कर सकती है। वे पेट्रोलियम व नेचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड (पीएनजीआरबी) की ओर से बिहार के 21 जिलों में पाइपलाइन से गैस वितरण के लिए 10वें निविदा राउंड समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर बोर्ड मेंबर सत्यपाल गर्ग, एस रथ व तनवीर अख्तर मौजूद थे ।
उन्होंने गेल से 5 साल में पटना के 50 हजार घरों में गैस आपूर्ति लक्ष्य को संशोधित कर बढ़ाने को कहा। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 1 दिसंबर, 2018 तक बिहार के 70 लाख निर्धनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिए गए हैं। दोबारा सिलेंडर रिफिल नहीं कराने के आरोप का खंडन करते हुए कहा कि अखिल भारतीय औसत 4 के विरूद्ध बिहार में रिफिल कराने का औसत 3.86 है।
वायु प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी मदद : पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की तुलना में सीएनजी 35 से 40 प्रतिशत सस्ता है। इसके प्रयोग से वायु प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी। पुराने वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित करने के लिए 30-40 हजार में किट उपलब्ध है।
प्रदूषण को ध्यान में रख कर ही राज्य सरकार ने कजरा (लखीसराय) और पीरपैंती (भागलपुर) में प्रस्तावित थर्मल की जगह 200-200 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया है।