रेरा बिहार की दूसरी जागरूकता कार्यशाला में कई प्रमोटर्स शामिल हुए। इस कार्यशाला में वैसे प्रमोटर्स को बुलाया गया था, जिनकी परियोजना का निबंधन एक अक्टूबर 2024 और 31 मार्च 2025 के बीच समाप्त होने वाला है। रेरा बिहार की पहली कार्यशाला 28 मई को हुई थी। यह उन परियोजनाओं के प्रमोटरों के लिए थी, जिनका निबंधन 30 सितंबर 2024 तक है।
98 निबंधित परियोजनाओं का निबंधन 1 अक्टूबर 2024 से 31 मार्च 2025 के बीच समाप्त होने वाला है। ऐसे प्रमोटरों की प्रगति रिपोर्ट से जानकारी मिली कि 55 परियोजनाएं पूरी होने पर हैं। 11 परियोजनाओं की प्रगति धीमी है और 32 परियोजनाएं शुरू नहीं हुई हैं।
रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि घर खरीदारों के हितों की रक्षा सर्वाेपरि है। इसके लिए यह जरूरी है कि निबंधित परियोजनाएं समय पर पूरी हो। घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए रेरा प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य समय पर हस्तक्षेप करना है। कार्यशाला के माध्यम से हम प्रमोटरों को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर परियोजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, तो इसे पूरा करने के लिए समय से पहले सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए। रेरा अध्यक्ष ने बताया कि प्राधिकरण सटेलाइट चित्र एवं ड्रोन फोटोग्राफी का भी इस्तेमाल करेगा। रेरा कानून को नहीं मानने वालों के विरुद्ध सख्त कारवाई होगी।
रेरा बिहार के सदस्य एसडी झा ने कहा कि परियोजना की प्रगति ठीक नहीं है, तो यह चिंता का विषय है। इससे स्पष्ट है कि ऐसे प्रमोटरों को अपने ग्राहकों के हित की चिंता नहीं है। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान प्रमोटरों की शंकाओं का भी समाधान किया गया। कार्यशाला में न्याय निर्णायक अधिकारी एके तिवारी, सचिव आलोक कुमार, ओएसडी राजेश थदानी, वरिष्ठ कानूनी सलाहकार वेद प्रकाश और वरिष्ठ भू अभिलेख अधिकारी अमरेंद्र शाही भी मौजूद रहे।