नई दिल्ली/एजेंसी । केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि रीयल एस्टेट क्षेत्र की परेशानियों को शीघ्र दूर किया जायेगा। क्षेत्र के दो शीर्ष संगठन क्रेडाई और नारेडको के प्रतिनिधियों के साथ वार्ता में उन्होंने यह आश्वासन दिया। प्रतिनिधियों ने नकदी संकट, मांग में कमी तथा रुकी परियोजनाओं को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की। घर खरीदारों के प्रतिनिधियों ने भी वित्त मंत्री को अपनी परेशानी बतायी। उन्होंने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।
बैठक में आवासीय एवं शहरी मामलों के केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर, आर्थिक मामलों, राजस्व, आवास, सीबीडीटी, कॉरपोरेट मामलों एवं रेरा के शीर्ष अधिकारी शामिल थे।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि रीयल एस्टेट सेक्टर के साथ सार्थक चर्चा हुई है। सरकार कई मुद्दों का आने वाले दिनों में समाधान निकालेगी। घर खरीदार एवं रुकी परियोजनाओं की जो समस्याएं हैं। उनका समाधान निकालने की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। कई घर खरीदारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और कुछ मामलों में निर्णय भी आये हैं।
फोरम फोर पीपुल्स कलेक्टिव एफ्फोर्ट्स के अध्यक्ष अभय उपाध्याय ने कहा कि परियोजनाओं में देरी से देश में पांच लाख से अधिक उपभोक्ता प्रभावित हैं। इन परियोजनाओं को पूरा करने तथा घर खरीदारों को राहत देने के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का एक कोष बनाने की मांग की। जेपी समूह के घर खरीदारों ने वित्त मंत्री को बताया कि प्रवर्तकों के पास इतनी सारी जमीनें तथा यमुना एक्सप्रेसवे परियोजना जैसी अन्य संपत्तियां होने के बाद भी ये परियोजनाएं पूरी नहीं हो रही हैं।
क्रेडाई के प्रेसिडेंट सतीश मगर ने कहा कि सरकार ने रीयल एस्टेट उद्योग को प्रभावित कर रहे मुद्दों के बारे में जानने की इच्छा प्रकट की। नारेडको के प्रेसिडेंट निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि चूंकि अर्थव्यवस्था के साथ ही रीयल एस्टेट क्षेत्र संकट से गुजर रहा है। ऐसे में हम उत्साहित हैं कि वित्त मंत्री ने हमारे साथ बैठक की।