बिहार में गैर-आवासीय (नॉन रेजिडेंशियल) संपत्ति कर के वार्षिक किराया में अप्रत्याशित वृद्धि की गई है। इस वृद्धि से राज्य के उद्यमी एवं व्यवसायी परेशान हैं। नगर विकास एवं आवास विभाग ने वार्षिक किराया में वृद्धि के लिए 26 सितंबर 2023 को गजट अधिसूचना जारी की है।
बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स ने राज्य सरकार से इस वृद्धि पर पुनर्विचार की अपील की है। चैंबर अध्यक्ष सुभाष पटवारी ने बताया कि राज्य के उद्यमी एवं व्यवसायियों से लगातार गैर-आवासीय संपत्ति कर में अप्रत्याशित वृद्धि की सूचना मिल रही है।
बिहार में छोटे व्यवसायियों की संख्या अधिक है। वे अपने जीवन-यापन के लिए व्यवसाय में लगे हैं। उन पर इस तरह का अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उद्यमी एवं व्यवसायी पहले से कई तरह के टैक्स का भुगतान कर रहे हैं।
अब गैर-आवासीय संपत्ति कर में अप्रत्याशित वृद्धि करने से राज्य के राजस्व पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। चैंबर अध्यक्ष ने कहा कि यदि गैर-आवासीय संपत्ति कर में वृद्धि करना बहुत आवश्यक है, तो यह वृद्धि अधिकतम दस प्रतिशत होनी चाहिए ।