केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (Excise duty) में तत्काल प्रभाव से 10 रुपये प्रति लीटर की कमी करने का निर्णय लिया है। इससे पंप पर पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्यों में कोई बदलाव नहीं होगा। उपभोक्ताओं को पुराने मूल्य पर ही पेट्रोल और डीजल उपलब्ध होंगे। इस प्रयास से तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को हो रहे नुकसान की भरपाई होगी। ओएमसी उपभोक्ताओं को आपूर्ति लागत से काफी कम कीमत पर ईंधन की आपूर्ति कर रही हैं।
वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में उपभोक्ता और तेल विपणन कंपनियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार को यह निर्णय लेना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ रही है। पिछले एक माह में कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर लगभग 122 डॉलर प्रति बैरल हो गई है।
इस कारण वर्तमान मूल्य पर सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों को पेट्रोल पर लगभग 26 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 81.90 रुपये प्रति लीटर घाटा हो रहा है। ओएमसी का प्रतिदिन का घाटा लगभग 2400 करोड़ रुपये है। उत्पाद शुल्क में कटौती से कंपनियों को 10 रुपये प्रति लीटर की भरपाई होगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार के सामने दो विकल्प थे। पहला अन्य देशों की तरह भारत में पेट्रोल और डीजल कीमत में भारी वृद्धि करना। दूसरा खुद पर वित्तीय बोझ उठाना।
केंद्र सरकार ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए सरकारी खजाने पर बोझ डालने का निर्णय लिया। तेल विपणन कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम करने के लिए सरकार ने अपने राजस्व में भारी कमी की है।