नई दिल्ली/एजेंसी/01.08.17 । रीयल एस्टेट रेगुलेटरी एक्ट,रेरा बिल्डरों की मनमानी रोकने में सहायक होगा। यह एक तरफ जहां मकान खरीदने वालों की रक्षा करता है, वहीं दूसरी तरफ कई गैरजिम्मेदार बिल्डरों के कामकाज को ठप भी कर सकता है। यह कहना है अरेबियन कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्रबंध निदेशक अनी रे का।
रे ने बताया कि भारत का रेरा कानून दुबई और अमेरिका माॅडल पर आधारित है। वहां जब 2009 में रेरा लागू हुआ था तो कई कंपनियों को अपना काम बंद करना पड़ा था। वास्तव में अधिकतर कंपनिया कानून के प्रावधानों को पालन करने में अक्षम थीं। करीब 100 से अधिक कंपनियां बंद हुई थीं। भारत में भी इसी की आशंका है। जो लोग संगठित हैं और पैसे वाले हैं, वहीं बाजार में टिक पाएंगे।