पटना । उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जनता और बिल्डरों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए बिहार बिल्डिंग बाइलॉज की समीक्षा होगी। इसके लिए बिल्डर एसोसिएशन की एक कमेटी बनेगी, जो उनके सुझावों और दूसरे राज्यों के कानूनी प्रावधानों पर विचार करेगी। यह जानकारी रियल एस्टेेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट ( रेरा ) 2017 पर आयोजित संवाद में उपमुख्यमंत्री ने दी।
उन्होंने रेरा का वेब पोर्टल भी लांच किया। अब 500 वर्गमीटर से अधिक और आठ फ्लैट वाले अपार्टमेंट का निर्माण बिना रजिस्ट्रेशन के नहीं होगा। पुराने प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन सितंबर के अंत तक कराना होगा। कंस्ट्रक्शन में देरी पर खरीदार वेबसाइट पर शिकायत कर 45 दिनों में पैसा वापस ले सकते हैं। अथाॅरिटी का निर्णय नहीं मानने पर बिल्डर को तीन साल की जेल के साथ जुर्माना भी हो सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “ हर गरीब का एक घर हो अपना ” को साकार करेगी। ऐसे में आवास निर्माण क्षेत्र में निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करना जरूरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि अब वह जमाना नहीं रहा कि सरकार लोगों को मकान बनाकर दे। देश में सबसे अधिक जनसंख्या घनत्व वाले राज्य बिहार में ऊंचे मकान बनाने होंगे, तभी अधिक शहरी गरीबों को अपना घर मिलेगा।
बिल्डर बीच शहर में ऊंची इमारतें बनाने का लोभ छोड़ें। शहर तेजी से विकसित हो रहे हैं। यदि वे चार-पांच किलोमीटर दूर भी बनाएंगे तो लोग रहने जाएंगे। रेरा के प्रावधानों में बदलाव पर आए सुझावों पर भी विचार होगा। भवनों की ऊंचाई पर आए सुझावों पर भी विचार होगा। मौके पर नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश कुमार शर्मा, प्रधान सचिव चैतन्य प्रसाद, डीजी पीएन राय, विभाग व बैंक के अधिकारी और बिल्डर मौजूद थे।