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सबके लिए घर : नीति आयोग ने दिया नया प्लान

नई दिल्ली/एजेंसी। सबके लिए घर को संभव बनाने के लिए नीति आयोग ने केंद्र सरकार को नया प्लान बताया है। नीति आयोग का कहना है कि केंद्र सरकार को राज्य सरकारों के साथ मिल स्टांप ड्यूटी को कम करने के अलावा लैंड सीलिंग एक्ट में फंसी जमीन को भी रिलीज कराना चाहिए। 
नीति आयोग का कहना है कि स्टांप ड्यूटी कम होने से राज्यों को होने वाले घाटे के लिए केंद्र सरकार उन्हें मुआवजा दे। आयोग ने अपने तीन साल के एक्शन प्लान में बताया है कि रियल एस्टेट सेक्टर में ब्लैक मनी के लगने से ही जमीन की कीमत काफी बढ़ी है। आयोग ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में ब्लैक मनी लगे होने का एक कारण स्टांप ड्यूटी का ज्यादा होना भी है। आयोग ने कहा कि जमीन की कीमत गिराने के लिए ब्लैक मनी पर हमला जरूरी है, जिससे हाउसिंग को कम कमाने वाले परिवारों के लिए भी किफायती बनाया जा सके। 
आयोग के प्लान में कहा गया है कि स्टांप ड्यूटी कम करने से मजबूत प्रॉपर्टी मार्केट बन पाएगा। साथ ही ब्लैक मनी का फ्लो भी कम हो जाएगा। आयोग का कहना है कि ऐसे राज्य जहां स्टांप ड्यूटी ज्यादा है, वहां रेवन्यू के बढ़ने की काफी उम्मीद है क्योंकि ड्यूटी घटाने से ज्यादा लोग कानूनी तरीके से ट्रांजैक्शंस करेंगे। गुजरात ने स्टांप ड्यूटी को पांच प्रतिशत से घटाकर 3.5 प्रतिशत कर लिया और नुकसान को पूरा करने के दूसरे तरीके खोज लिए। 
स्टैंप ड्यूटी के अलावा आयोग ने अर्बन सीलिंग एक्ट को भी जमीन का रेट हाई होने का एक कारण बताया। आयोग ने कहा कि अर्बन सीलिंग एक्ट की वजह से प्रॉपर्टी के रेट हाई रहते हैं क्योंकि खाली जमीन का काफी हिस्सा प्रॉपर्टी मार्केट से गायब होता है। हालांकि कई राज्यों ने इस कानून को खत्म कर दिया है, लेकिन कई राज्यों में जमीन का काफी हिस्सा कानूनी पेच में फंसा हुआ है। ऐसे लैंड को खाली करा कमर्शियल यूज में लाने प्राथमिकता होनी चाहिए।
 


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