हैदराबाद/एजेंसी। यदि रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी के दायरे के तहत लाया जाए, तो इसे स्टांप शुल्क और कर की कम दर के साथ लाना चाहिए। इसे आवास की लागत और निर्माण के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। उद्योग मंडल एसोचैम ने यह बात कही।
एसोचैम के महासचिव डी.एस.रावत ने कहा कि केंद्र सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र को जीएसटी के तहत लाने के पक्ष में है, लेकिन इस पर राज्यों से भी सहमति बनानी होगी। इससे उनका राजस्व जुड़ा है। इससे किसी उद्देश्य का हल नहीं होगा, बल्कि भ्रम बढ़ेगा। किसी भी हालत में सीमेंट को 28 फीसदी जीएसटी की श्रेणी में रखना उचित नहीं है। रावत ने पेट्रोलियम, इलेक्ट्रिसिटी और शराब को भी जीएसटी के तहत लाने की वकालत की।