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जेपी इन्फ्रा के कर्जदाताओं की बैठक 30 मई को

नई दिल्ली/एजेंसी/26.05.19। कर्ज में डूबी जेपी इन्फ्राटेक के कर्जदाताओं की बैठक 30 मई को होगी। बैठक में नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी (एनबीसीसी) के अधिग्रहण को लेकर लगायी गयी बोली एवं अटकी आवास परियोजनाओं पर चर्चा होगी। 

कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) में 13 बैंक एवं 23000 मकान खरीदारों के पास मतदान का अधिकार है। कर्जदाताओं की समिति ने इस माह के शुरू में मुंबई की एक कंपनी की बोली खारिज कर दी थी। बाद में सीओसी ने एनबीसीसी की पेशकश पर विचार का फैसला किया। 

बैंकों की याचिका पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) ने 17 मई को एनबीसीसी की बोली पर मकान खरीदार एवं कर्जदाताओं के मतदान को रद्द कर दिया था। साथ ही 30 मई तक पेशकश पर फिर से बात करने की अनुमति दी। मतदान प्रक्रिया 31 मई से शुरू हो सकती है। 

सीओसी ने एनबीसीसी के 1,756 करोड़ रुपये मूल्य के बिना बिके 2207 फ्लैट लेने के प्रस्ताव पर बेरुखी दिखाई है। अपनी ताजा पेशकश में एनबीसीसी ने 200 करोड़ रुपये की शेयर पूंजी डालने, 5000 करोड़ रुपये मूल्य की 950 एकड़ जमीन के साथ यमुना एक्सप्रेस वे बैंकों को हस्तांतरित करने का प्रस्ताव किया है। 

साथ ही वित्तीय कर्जदाताओं के 23,723 करोड़ रुपये के कर्ज निपटान के लिए जुलाई 2023 तक फ्लैट पूरा करने का प्रस्ताव किया है। कर्जदाताओं को एनबीसीसी के कुछ छूट प्रस्तावों पर आपत्ति है और कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा है। 

एनसीएलटी ने आईडीबीआई बैंक की याचिका स्वीकार करते हुए अगस्त 2017 में जेपी इन्फ्रा के खिलाफ इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी थी। बैंक का जेपी इन्फ्रा पर 526 करोड़ रुपये बकाया है।  
 


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