नई दिल्ली/एजेंसी । 2019 कैलेंडर साल के पहले नौ माह में सात रियल एस्टेट बाजार में घरों की बिक्री 14 फीसदी बढ़ी है ,लेकिन यह नोटंबदी के पहले के स्तर पर नहीं पहुंच पाई है। इस दौरान ऑफिस स्पेस की मांग में 40 प्रतिशत उछाल देखने को मिला। भारतीय रियल एस्टेट बाजार पर रिसर्च करने वाली संस्था जेएलएल ने रिपोर्ट जारी की है।
शीर्ष सात शहरों में दिल्ली एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, पुणे और कोलकाता शामिल हैं। रिपोर्ट में कहा गया है नोटबंदी के पहले शीर्ष सात बाजारों में लगभग एक लाख 20 हजार आवासीय यूनिट की बिक्री हुई थी। इसकी तुलना में इस साल जनवरी-सितंबर की अवधि के दौरान देश के प्रमुख सात बाजारों में 1,15,000 इकाइयों की बिक्री दर्ज की गई है।
मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर का कुल बिक्री में 60 प्रतिशत हिस्सा रहा। 2019 की जुलाई-सितंबर के दौरान बिक्री 2018 की इसी अवधि की तुलना में समान रही। तीसरी तिमाही में सालाना आधार पर नई परियोजनाओं की शुरुआत में चार प्रतिशत की गिरावट आयी है। नई परियोजना शुरू करने में मुंबई और बेंगलुरु का योगदान 60 प्रतिशत रहा।
जेएलएल इंडिया के सीईओ और कंट्री प्रमुख रमेश नायर ने कहा कि डेवलपर पहले से शुरू परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ध्यान दे रहे हैं। इसके अलावा वे अपने नहीं बिके घरों को बेचने की कोशिश में हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरों में जो कटौती की है उसका पूरा लाभ ग्राहकों को अभी नहीं मिल सका है। बैंक धीरे-धीरे ब्याज दरों में कटौती कर रहे हैं और नया कर्ज दे रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि त्योहारी सीजन में रियल एस्टेट क्षेत्र अच्छी बिक्री दर्ज करेगा।