पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लाॅकडाउन में निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए निर्माण कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसके लिए निर्माण सामग्रियों बालू, गिट्टी, सीमेंट एवं ईंट की उपलब्धता पर ध्यान देने के लिए कहा गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन पर सभी डीएम को विशेष नजर रखने की जिम्मेवारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संबंधित विभागों के प्रधान सचिव, सचिव, सभी डीएम एवं एसपी के साथ समीक्षा बैठक की। कोरोना वायरस के नियंत्रण, निगरानी एवं लोगों को दी जा रही सहायता पर भी चर्चा हुई।
सीएम ने श्रमिकों के स्किल सर्वे कार्य में तेजी लाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्किल के आधार पर ही रोजगार का सृजन करें। संबंधित निर्माण इकाईयों की स्थापना राज्य में हो, तो बेहतर रहेगा। इससे श्रमिकों को अपने राज्य में ही स्थायी रूप से रोजगार उपलब्ध हो सकेगा।
खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव हरजोत कौर ने बताया कि 20 अप्रैल से सभी स्टोन माइंस एवं 4 मई से बालू निकासी का काम शुरू हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने ब्लॉक क्वारंटाइन सेंटर की व्यवस्थाओं की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के लिये ग्राम पंचायत के सभी परिवार को साबुन और चार मास्क देने का भी निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि चार से दस मई के बीच बिहार आनेवाले 150 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। इनमें गुजरात के 33, महाराष्ट्र के 36, एनसीआर के 41, तेलांगना के 10 एवं हरियाणा के तीन समेत कई राज्यों से आये प्रवासी शामिल हैं। सभी प्रवासियों को क्वारंटाइन किया जा रहा है।
बैठक में डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी, मुख्य सचिव दीपक कुमार, डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव मनीष कुमार वर्मा एवं अनुपम कुमार, ओएसडी गोपाल सिंह उपस्थित थे।