नई दिल्ली। आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने एआरएचसी नॉलेज पैक (एकेपी) जारी किया। सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने समारोह की अध्यक्षता की। राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, नरेडको, क्रेडाई, फिक्की, सीआईआई और एसोचैम के प्रतिनिधियों ने वेबिनार के माध्यम से भाग लिया।
सस्ते किराये के आवास परिसर (एआरएचसी) को लागू करने में सभी हितधारकों को सहायता देने के लिए एआरएचसी नॉलेज पैक (एकेपी) बनाया गया है। इस योजना से न केवल जरूरतमंद शहरी प्रवासी एवं गरीबों को फायदा होगा, बल्कि किराये के आवास बाजार में उद्यमिता और निवेश में भी तेजी आयेगी। इस तरह अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। यह सभी के लिए एक फायदे का मॉडल होगा।
कोविड-19 महामारी के कारण देश में श्रमिक एवं शहरी गरीबों का बड़े पैमाने पर पलायन हुआ है। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहरी प्रवासी एवं गरीबों को सहज जीवन मुहैया कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की एक उप योजना के रूप में एआरएचसी को मंजूरी दी है।
एआरएचसी को दो मॉडल के जरिये कार्यान्वित किया जायेगा। पहले मॉडल में सरकारी वित्त पोषित खाली घरों को 25 वर्षों की अवधि के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के माध्यम से या सार्वजनिक एजेंसियों से एआरएचसी में बदला जाना है।
दूसरे मॉडल में 25 वर्ष की अवधि के लिए आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की खाली जमीन पर सार्वजनिक एवं निजी संस्थाओं के लिए एआरएचसी का निर्माण, संचालन और रखरखाव शामिल है ।
इस मौके पर आवास मंत्रालय ने क्रेडाई के मोबाइल एप्लीकेशन आवास ऐप और नरेडको के एक ई-कॉमर्स पोर्टल सबके लिए आवास (हाउसिंग फॉर ऑल) को भी लांच किया। ये ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बाजार के बदलते माहौल में घर खरीदारों को लाभ प्रदान करेंगे।