नई दिल्ली। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) शहरी के तहत स्वीकृत मकानों के निर्माण में लगभग 158 लाख मीट्रिक टन इस्पात और 692 लाख मीट्रिक टन सीमेंट खपत की संभावना है।
केंद्रीय मंत्री आत्मनिर्भर भारत : आवास और निर्माण तथा विमानन क्षेत्र में इस्पात के उपयोग के प्रोत्साहन पर आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लगभग 84 लाख मीट्रिक टन इस्पात और 370 लाख मीट्रिक टन सीमेंट की अब तक खपत हो चुकी है। वेबिनार का आयोजन सीआईआई ने किया था।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 4,550 शहरों में 1.07 करोड़ मकान के सापेक्ष 67 लाख मकानों की नींव रखी गई है और 35 लाख घर अब तक सौंप दिये गये हैं। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सभी स्वीकृति मकानों के निर्माण से लगभग 3.65 करोड़ रोजगार का सृजन होगा। फिलहाल 1.65 करोड़ रोजगार का सृजन हो चुका है। हमारी 40 प्रतिशत आबादी या 600 मिलियन भारतीयों के 2030 तक शहरी केंद्रों में रहने की आशा है।
विमानन क्षेत्र में इस्पात के उपयोग पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एयरपोर्ट टर्मिनल भवनों में छत और ग्लास मुखौटों में इस्पात का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है। इस्पात छत की संरचना से बड़े कॉलम के बिना मुक्त स्थानों का निर्माण किया जा सकता है और इससे बिना किसी रुकावट के सभी दृश्य साफ नजर आते हैं।
पिछले तीन वर्षों में एयरपोर्ट टर्मिनल भवनों के निर्माण में प्रयुक्त इस्पात का मूल्य लगभग 570 करोड़ रुपये है। अगले पांच वर्षों में एयरपोर्ट टर्मिनल भवनों के निर्माण पर लगभग 1905 करोड़ रुपये मूल्य के इस्पात के उपयोग का अनुमान है। अगले पांच वर्षों में 15,000 करोड़ रुपये लागत से 15 नये टर्मिनल भवनों के निर्माण की योजना बनाई गई है। इसके लिए भारी मात्रा में इस्पात की जरूरत होगी।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, इस्पात राज्य मंत्री एफ.एस. कुलस्ते, नागर विमानन सचिव पीके खरोला, आवास एवं शहरी मामले सचिव डी.एस.मिश्रा, इस्पात सचिव पीके त्रिपाठी और उद्योग जगत ने वेबिनार में भाग लिया।