नई दिल्ली। स्वामित्व योजना के तहत संपत्ति कार्ड वितरण का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया। उन्होंने कहा कि अब लाभार्थियों के पास अपने घरों के मालिक होने का एक कानूनी दस्तावेज होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जमीन और घर के मालिकाना हक की देश के विकास में बड़ी भूमिका होती है।
संपत्ति का रिकॉर्ड होने से लोगों का जीवन भी सुरक्षित रहता है। बैंक से कर्ज भी आसानी से मिलता है। स्वरोजगार के रास्ते बनते हैं। समस्या यह है कि विश्व में एक तिहाई आबादी के पास ही कानूनी रूप से अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड है। ऐसे में भारत जैसे विकासशील देश के लिए जरूरी है कि लोगों के पास उनकी संपत्ति का सही रिकॉर्ड हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वामित्व योजना के तहत मिलने वाला प्रॉपर्टी कार्ड पीड़ित, शोषित एवं ग्रामीणों की भलाई के लिए उठाया गया बड़ा कदम है। हरियाणा, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के एक लाख लाभार्थियों को उनके घरों के कानूनी कागजात आज सौंप दिए गए हैं। उन्होंने अगले तीन-चार वर्षों में देश के प्रत्येक गांव में हर परिवार को ऐसे संपत्ति कार्ड देने का वादा किया।
स्वामित्व योजना पंचायती राज प्रणाली को मजबूत करने में मदद करेगी। इसके लिए पिछले छह वर्षों से प्रयास चल रहे हैं। देश के हर गांव को ऑप्टिकल फाइबर कनेक्शन से जोड़ने का अभियान भी तेजी से चल रहा है।