नई दिल्ली। आत्मनिर्भर भारत पैकेज-3 में रियल एस्टेट डेवलपर्स और मकान खरीदारों को आयकर में राहत दी गई है। इससे रियल एस्टेट क्षेत्र में मांग को बढ़ावा मिलेगा। पैकेज में रियल एस्टेट डेवलपर्स को सर्किल रेट से काफी कम रेट पर नहीं बिकी अचल संपत्तियों को बेचने और मकान खरीदारों को लाभ देने की व्यवस्था की गई है।
आयकर अधिनियम की धारा 43 सीए के तहत दो करोड़ रुपये मूल्य तक की आवासीय इकाइयों की केवल प्राथमिक बिक्री के संबंध में सेफ हारबर को 12 नवंबर, 2020 से 30 जून, 2021 तक के लिए बढ़ाया गया है। सेफ हारबर को 10 प्रतिशत से बढ़ाते हुए 20 प्रतिशत तक करने का निर्णय लिया गया है।
अधिनियम की धारा 56 (2) (10) के तहत उक्त अवधि के लिए इन आवासीय इकाइयों के खरीदारों को भी राहत दी जाएगी। इसके अनुरूप इन लेन-देन के लिए सर्कल रेट को बिक्री-खरीद के प्रस्ताव के रूप में तभी माना जाएगा, जब समझौते के मूल्य और सर्कल रेट के बीच का अंतर 20 प्रतिशत से अधिक हो।
रियल एस्टेट डेवलपर्स और खरीदारों को राहत देने के लिए वित्त अधिनियम 2018 से पांच प्रतिशत का सेफ हारबर प्रदान किया गया था। इस प्रावधान को केवल उसी स्थान पर सक्रिय किया गया था, जहां बिक्री-खरीद प्रस्ताव और सर्कल रेट के बीच का अंतर पांच प्रतिशत से अधिक था। इसमें और अधिक राहत प्रदान करने के लिए वित्त अधिनियम 2020 से सेफ हारबर को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर दस प्रतिशत कर दिया गया।