पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि साठ प्रतिशत से अधिक अपराध भूमि विवाद के कारण होते हैं। सरकार का उद्देश्य जमीन संबंधित विवाद को खत्म करना है। इसलिए ऐसे उपाय करने होंगे कि कोई जमीन के स्वामित्व में गड़बड़ी न कर सके। राज्य में विकास के कई कार्य हुए हैं। इस कारण जमीन की कीमत भी बढ़ी है। कुछ लोग जमीन की धांधली में भी लिप्त हैं। समाज में शांति रहने से विकास का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जमीन संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए महीने में एक दिन डीएम एवं एसपी, 15 दिन में एसडीओ और एसडीपीओ एवं सप्ताह में एक दिन अंचल अधिकारी एवं थानाध्यक्ष निश्चित रूप से बैठक करें। जो भी गड़बड़ी करे उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।
गंगा तट के जिलों की जमीन को रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित जिलों में शीघ्र हस्तांतरित करने का भी निर्देश दिया गया। सीएम ने कहा कि जमीन के ऑरिजिनल कागजात अंचल कार्यालय में रखे जाएं। उनकी स्कैनिंग भी करायी जाए ताकि रिकॉर्ड्स पूरी तरह सुरक्षित रह सके। अंचलाधिकारी को आपदा के कुछ कार्यों को छोड़कर अन्य कार्यों में नहीं लगाने का निर्देश दिया।
उन्होंने बेनामी जमीन की पहचान, चोरी छिपे कॉमर्शियल कार्य करने वालों को चिन्हित कर उन पर कॉमर्शियल टैक्स लगाने एवं राजस्व विभाग में जरूरत के अनुसार पदों पर भर्ती करने पर जोर दिया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव विवेक कुमार सिंह ने प्रेजेंटेशन में लैंड रिकॉर्ड, लैंड सर्वे एवं सेटेलमेंट, लैंड कांसोलिडेशन एवं लैंड एक्यूजिशन के संबंध में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी दी।
समीक्षा बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री राम सूरत कुमार, मुख्य सचिव, विकास आयुक्त, राजस्व पर्षद के अध्यक्ष त्रिपुरारी शरण, अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, प्रधान सचिव एस. सिद्धार्थ एवं मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, सचिव एवं ओएसडी मौजूद थे।