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4.09 लाख संपत्ति मालिकों को दिए गए ई-संपत्ति कार्ड  

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वामित्व योजना के तहत ई-संपत्ति कार्ड के वितरण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 4.09 लाख संपत्ति मालिकों को उनके ई-संपत्ति कार्ड दिये जाने के साथ ही देश में स्वामित्व योजना की भी शुरुआत हो गई। 

प्रधानमंत्री ने कोरोना के प्रबंधन, महामारी को गांवों में प्रवेश से रोकने और जागरूकता फैलाने के काम में पंचायतों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने ग्रामीण भारत को इस महामारी से दूर रखने की जरूरत को दोहराया। उन्होंने याद दिलाया कि इस बार हमारे पास टीके का कवच है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि गांव के प्रत्येक व्यक्ति को टीका लग जाए। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि इस कठिन समय मे कोई भी परिवार भूखा न रहे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत प्रत्येक गरीब व्यक्ति को मई और जून के महीनों में मुफ्त राशन मिलेगा। इस योजना से 80 करोड़ लाभार्थी लाभान्वित होंगे और केन्द्र सरकार इस योजना पर 26,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर रही है।

प्रधानमंत्री ने उन छह राज्यों में स्वामित्व योजना के प्रभाव को रेखांकित किया, जहां इसे केवल एक वर्ष के भीतर शुरू किया गया। योजना के तहत पूरे गांव की संपत्तियों का ड्रोन से सर्वेक्षण किया जाता है और संपत्ति मालिकों को संपत्ति कार्ड वितरित किए जाते हैं। आज पांच हजार से अधिक गांवों में 4.09 लाख लोगों को ऐसे ई-संपत्ति कार्ड दिये गये। इस योजना ने गांवों में एक नए आत्मविश्वास का संचार किया है। 

प्रधानमंत्री ने पंचायतों की भूमिका बढ़ाने के लिए उठाए गए विभिन्न कदमों का जिक्र किया। पंचायतों को नए अधिकार मिल रहे हैं, उन्हें फाइबर-नेट से जोड़ा जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल के जरिए पेयजल पहुंचाने में उनकी बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है। इसी तरह, हर गरीब व्यक्ति को पक्का घर या ग्रामीण रोजगार योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का अभियान पंचायतों के माध्यम से चलाया जा रहा है। 


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