नयी दिल्ली/एजेंसी। म्यूचुअल फंड प्रबंधकों ने चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई में 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश शेयर बाजार में किया है। शेयर बाजारों में म्यूचुअल फंड निवेश में वृद्धि का कारण खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी है। वहीं दूसरी तरफ विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों एफपीआई ने इस दौरान 21,000 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। फंड्स इंडिया डाट कॉम की म्यूचुअल फंड शोध प्रमुख विद्या बाला ने बताया कि निवेश में बदलाव दिख रहा है। यह इक्विटी की तरफ बढ़ रहा है। वजह रियल एस्टेट तथा सोने में निवेश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। इसके अलावा घरेलू पूंजी प्रवाह भी दीर्घकालीन निवेश पर ध्यान दे रहा है। साथ ही वे खुदरा निवेशकों से मजबूत प्रवाह से उत्साहित हैं। बजाज कैपिटल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राहुल पारेख ने कहा कि शेयर बाजार में तेजी का कारण इक्विटी में मजबूत पूंजी प्रवाह है। इसके अलावा जीएसटी के सफल क्रियान्वयन से भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सेबी के आंकड़ों के अनुसार म्यूचुअल फंड प्रबंधकों ने अप्रैल में 11,244 करोड़ रुपये, मई में 9,358 करोड़ रुपये, जून में 9,106 करोड़ रुपये तथा जुलाई में 11,800 करोड़ रुपये के निवेश किये।