मुंबई/एजेंसी। शेयर बाजार लगातार मौके देता रहता है। चैकस रहने वाले मौके का फायदा उठा ही लेते हैं। दूसरे विश्वयुद्ध और भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान पेंट के आयात पर रोक लगी। इसी बीच 26 वर्षीय भारतीय चंपकलाल एच चोकसे, उनके मित्र चिमनलाल एन चोकसे, सूर्यकांत सी दानी और अरविंद आर वकील को देश में ही पेंट का उत्पादन करने का आइडिया दिखा। तब उन लोगों ने एशियन पेंट्स कंपनी की स्थापना की। वह कंपनी आज 1 लाख करोड़ रुपये की हो गई है। यह देश की सबसे बड़ी पेंट उत्पादक और निवेश में सबसे तेज वृद्धि करनेवाली कंपनी भी है।
3 जनवरी 2000 को कंपनी के शेयर का भाव 16.25 रुपये था, जो 24 अगस्त 2017 को बढ़कर 1,139 रुपये पर पहुंच गया है। इसका मतलब है कि जिन लोगों ने जनवरी 2000 में 10 हजार रुपये के एशियन पेंट्स के शेयर खरीदे होंगे, उनके पास आज की तारीख में 7 लाख रुपये है। लेकिन, जो चूक गए। उनके लिए भी मौका है। एनालिस्ट का मानना है कि एशियन पेंट्स के शेयर आनेवाले दिनों में और चढ़ेंगे।