नई दिल्ली/एजेंसी। सरकार बचत को प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठा रही है। इसी कड़ी में तीन बड़े निजी बैंकों समेत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को नैशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (एनएससी), रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी) और मंथली इनकम स्कीम (एमआईएस) जैसी कई स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स के अंतर्गत डिपॉजिट लेने कीे मंजूरी दी है। अभी तक अधिकतर स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पोस्ट ऑफिस के जरिए ही बेची जाती थीं।
सरकार की अधिसूचना में बताया गया है कि सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और निजी क्षेत्र के आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक और एक्सिस बैंक स्मॉल सेविंग्स स्कीम के लिए आवेदन ले सकेंगे। अभी तक इन बैंकों को पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (पीपीएफ), सुकन्या समृद्धि खाता, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना 2004 के अंतर्गत आवेदन लेने की अनुमति थी।
सरकार ने अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स पर इंट्रेस्ट रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। अप्रैल 2016 से ही स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज दर की तिमाही आधार पर समीक्षा की जा रही है। फिलहाल पीपीएफ स्कीम पर सालाना 7.8 प्रतिशत ब्याज है। किसान विकास पत्र (केवीपी) में निवेश पर सालाना 7.5 प्रतिशत ब्याज है। 115 महीने में केवीपी में जमा राशि दोगुना होगी। बालिकाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना पर वार्षिक 8.3 प्रतिशत ब्याज है। वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर भी ब्याज दर 8.3 फीसदी मिलेगा।